Newzfatafatlogo

राजस्थान में दर्दनाक सड़क हादसा: एक ही परिवार की सात महिलाएं गईं जिंदगी से

राजस्थान के फतेहपुर शेखावाटी में एक भयानक सड़क हादसे में एक ही परिवार की सात महिलाएं अपनी जान गंवा बैठीं। यह घटना तब हुई जब परिवार एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार से लौट रहा था। तेज गति से चल रही कार ने पहले एक पिकअप वाहन को टक्कर मारी और फिर ट्रक से भिड़ गई। हादसे में शामिल महिलाओं में 80 वर्षीय मोहिनी देवी सहित अन्य सदस्य शामिल थे। जानें इस दुखद घटना के बारे में और कैसे पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई।
 | 
राजस्थान में दर्दनाक सड़क हादसा: एक ही परिवार की सात महिलाएं गईं जिंदगी से

फतेहपुर शेखावाटी में हुआ हादसा


राजस्थान के फतेहपुर शेखावाटी क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना की सूचना मिली है। रघुनाथपुरा गांव का एक परिवार लक्ष्मणगढ़ में एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद लौट रहा था। यह घटना शाम करीब चार बजे हुई, जब परिवार चार अलग-अलग वाहनों में यात्रा कर रहा था। पुरुष अलग गाड़ियों में थे, जबकि महिलाएं एक ही कार में सवार थीं।


हरसावा गांव के निकट हुई दुर्घटना

यह भयानक हादसा एनएच बावन पर हरसावा गांव के पास घटित हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार तेज गति से चल रही थी और चालक ने ओवरटेक करने का प्रयास किया। इसी दौरान, कार पहले एक पिकअप से टकराई और फिर सामने से आ रहे ट्रक से भिड़ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पूरी तरह से पिचक गई। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और हाईवे पर गुजर रहे वाहन चालक मौके पर पहुंचे। कार के अंदर महिलाएं फंसी हुई थीं। काफी प्रयास के बाद उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।


सात महिलाओं की जान गई

इस दुर्घटना में एक ही परिवार की सात महिलाओं की जान चली गई। मोहिनी देवी (80 वर्ष) घटनास्थल पर ही दम तोड़ गईं। उनके साथ बहुएं चंदा देवी (55 वर्ष), तुलसी देवी (45 वर्ष), बरखा देवी (35 वर्ष), आशा देवी (60 वर्ष), संतोष देवी (45 वर्ष) और बेटी इंदिरा (60 वर्ष) भी अपनी जान गंवा बैठीं। बरखा देवी को जयपुर ले जाते समय अस्पताल में मृत घोषित किया गया। कार के चालक वसीम (25 वर्ष) और सोनू (35 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।


परिवार ने बताया कि लक्ष्मणगढ़ से निकलने से पहले चालक वसीम को धीमी गति से गाड़ी चलाने की सलाह दी गई थी। लेकिन अंतिम संस्कार के कारण गमगीन माहौल में जल्दबाजी और ओवरटेक करने की कोशिश ने सात जिंदगियों को छीन लिया। जैसे ही इस हादसे की खबर रघुनाथपुरा गांव में पहुंची, पूरे गांव में सन्नाटा छा गया। मोहिनी देवी का पति पहले ही गुजर चुका था और अब घर की सभी महिलाएं एक साथ चली गईं। संतोष देवी के तीन बच्चे हैं, तुलसी देवी का पति विदेश में काम करता है और आशा देवी का पति गैस एजेंसी में कार्यरत है। एक झटके में कई परिवारों का उजड़ना और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।