राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ विवाद: क्या है पूरा मामला?
संदीप पाठक का नया विवाद
हाल ही में आम आदमी पार्टी से अलग होकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद संदीप पाठक एक नए विवाद में फंस गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, पंजाब पुलिस ने उनके खिलाफ दो अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज की हैं, जिनमें गैर-जमानती धाराएं लगाई गई हैं। हालांकि, इन आरोपों के बारे में विस्तृत जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
यह मामला तब और बढ़ गया जब यह खबर आई कि पंजाब पुलिस की एक टीम उन्हें गिरफ्तार करने के लिए दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास पर पहुंची। बताया जा रहा है कि इसी दौरान संदीप पाठक पीछे के दरवाजे से भागते हुए नजर आए। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है.
Rajya Sabha MP Sandeep Pathak left his Delhi residence in a hurry amid fears of arrest. https://t.co/rqxfDmqGSW pic.twitter.com/6EcH31HVqa
— Akashdeep Thind (@thind_akashdeep) May 2, 2026
संदीप पाठक का बयान
संदीप पाठक ने इन आरोपों और एफआईआर की खबरों से अनभिज्ञता जताई है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी भी कार्रवाई की जानकारी नहीं है और न ही किसी पुलिस अधिकारी ने उनसे संपर्क किया है। उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि उन्होंने हमेशा ईमानदारी से देश की सेवा की है और वे कभी भी राष्ट्रहित के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाएंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, तो यह राजनीतिक दबाव का परिणाम हो सकता है।
AAP से इस्तीफा और भाजपा में शामिल होना
यह घटनाक्रम तब सामने आया जब संदीप पाठक ने हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया। वे उन सात राज्यसभा सांसदों में से एक हैं जिन्होंने 24 अप्रैल को पार्टी से इस्तीफा दिया था। इन नेताओं ने आरोप लगाया था कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है। इस समूह में राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल जैसे नाम शामिल हैं, जिनमें से अधिकांश पंजाब से हैं।
इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद राज्यसभा में आम आदमी पार्टी की स्थिति भी कमजोर हुई है। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने इन सांसदों के भाजपा में शामिल होने को औपचारिक मंजूरी दे दी, जिसके बाद उच्च सदन में 'आप' के सदस्यों की संख्या घटकर केवल तीन रह गई है।
