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सोनौली बॉर्डर पर ट्रक चालकों का प्रदर्शन, नेपाल यातायात विभाग के खिलाफ गुस्सा

सोनौली बॉर्डर पर भारतीय ट्रक चालकों ने नेपाल यातायात विभाग की मनमानी के खिलाफ प्रदर्शन किया। ट्रक ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष पप्पू खान ने आरोप लगाया कि नेपाल प्रशासन अवैध जुर्माना वसूल रहा है। प्रदर्शन के कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया, जिससे स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रक चालकों ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की है।
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सोनौली बॉर्डर पर ट्रक चालकों का प्रदर्शन, नेपाल यातायात विभाग के खिलाफ गुस्सा

ट्रक चालकों का प्रदर्शन


  • सोनौली बॉर्डर पर ट्रक चालकों का गुस्सा, नेपाल यातायात विभाग की मनमानी पर प्रदर्शन
  • ट्रक ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष पप्पू खान का बयान— “अगर शोषण जारी रहा, तो ट्रकों का चक्का जाम होगा”


महराजगंज से रिपोर्ट:: गुरुवार को सोनौली-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारतीय मालवाहक ट्रक चालकों ने अपनी नाराजगी व्यक्त की। नेपाल के भैरहवा स्थित यातायात विभाग पर अवैध जुर्माना वसूली और मनमानी का आरोप लगाते हुए ट्रक चालकों ने सोनौली बाईपास पर जोरदार प्रदर्शन किया।


प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे ट्रक ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष पप्पू खान ने नेपाल प्रशासन पर भारतीय ट्रक चालकों के उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारत से नेपाल जाने वाले अंडरलोड ट्रकों को भी ओवरलोड बताकर प्रति ट्रक लगभग 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा रहा है।


पप्पू खान ने कहा,


“नेपाल यातायात विभाग भारतीय आरसी और लोडिंग मानकों को मानने को तैयार नहीं है। ट्रक चालकों से जबरन वसूली की जा रही है। ऑनलाइन जुर्माना जमा करने में घंटों लग जाते हैं, जिससे भंसार फेल हो जाता है और फिर अतिरिक्त जुर्माना भरने के लिए मजबूर किया जाता है। यह सरासर शोषण है।”


उन्होंने चेतावनी दी कि फिलहाल प्रदर्शन सांकेतिक है, लेकिन यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो नेपाल जाने वाले मालवाहक ट्रकों का संचालन पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो चक्का जाम और अनिश्चितकालीन हड़ताल भी की जाएगी।


नेपाल यातायात विभाग की कार्रवाई के विरोध में हुए प्रदर्शन के कारण सोनौली बॉर्डर से नौतनवा तक लगभग 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। सैकड़ों मालवाहक ट्रक सड़क पर फंस गए, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।


ट्रक चालकों ने जिलाधिकारी महराजगंज से हस्तक्षेप कर नेपाल प्रशासन से वार्ता कराने और भारतीय ट्रांसपोर्टरों को राहत दिलाने की मांग की है।