हरिद्वार में अर्धकुंभ मेले के लिए साध्वी प्राची की विवादास्पद मांगें
साध्वी प्राची का बड़ा बयान
विश्व हिंदू परिषद की प्रमुख साध्वी प्राची ने 2027 में होने वाले अर्धकुंभ मेले के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने हरिद्वार के गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उनका तर्क है कि जैसे मक्का और मदीना में गैर-मुसलमानों को प्रवेश नहीं दिया जाता, उसी तरह हरिद्वार जैसे प्रमुख हिंदू तीर्थ में भी ऐसा ही होना चाहिए। साध्वी प्राची का कहना है कि यह मांग धार्मिक आस्था, सुरक्षा और पवित्रता की रक्षा के लिए आवश्यक है.
अर्धकुंभ मेला 2027 में
उन्होंने स्पष्ट किया कि हरिद्वार में गंगा स्नान के लिए गैर-हिंदुओं को अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। यह अर्धकुंभ मेला 14 जनवरी 2027 को मकर संक्रांति के दिन शुरू होगा और महाशिवरात्रि तक चलेगा। राज्य सरकार के अनुसार, इस दौरान 6 से 7 करोड़ श्रद्धालुओं के हरिद्वार आने की संभावना है.
अमृत क्षेत्र की मांग
साध्वी प्राची ने कुंभ मेला क्षेत्र और हर-की-पौड़ी को 'अमृत क्षेत्र' घोषित करने की भी मांग की। उनका कहना है कि इस क्षेत्र में केवल हिंदू श्रद्धालुओं को ही प्रवेश दिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पवित्र स्थलों पर कुछ संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं, जो धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं.
महिलाओं के स्नान पर आपत्ति
महिलाओं के स्नान को लेकर भी साध्वी प्राची ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हाल ही में कुछ महिलाएं गलत इरादे से हरिद्वार आईं और गंगा में स्नान किया। उन्होंने इस पर रोक लगाने की मांग की और सरकार से कुंभ क्षेत्र में 'जिहादी तत्वों' के प्रवेश पर सख्त कानून बनाने की अपील की.
सुरक्षा के मुद्दे पर चिंता
सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने पिछले साल दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार बम धमाके का उल्लेख किया। उनका कहना है कि अगर इस तरह का खतरनाक पदार्थ गंगा में मिला दिया जाए, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं.
साध्वी प्राची ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सराहना की, यह कहते हुए कि राज्य सरकार ने अवैध मदरसों और मजारों पर सख्त कार्रवाई की है। उनका मानना है कि सरकार कुंभ क्षेत्र को 'अमृत क्षेत्र' घोषित कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है। उनके बयान के बाद, 2027 के अर्धकुंभ से पहले हरिद्वार में धार्मिक, सुरक्षा और संवैधानिक मुद्दों पर नई बहस की संभावना बढ़ गई है.
