Newzfatafatlogo

हरियाणा सरकार का नया कदम: एआई तकनीक से प्रशासन में सुधार

हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक कार्यों की निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे अपनी कार्ययोजनाओं को एक विशेष एआई प्लेटफॉर्म पर अपलोड करें। यह पहल हरियाणा विजन-2047 के अंतर्गत राज्य को अधिक परिणामोन्मुखी और जवाबदेह प्रशासन प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जानें इस नई प्रणाली के तहत विभागों की प्रगति की निगरानी कैसे की जाएगी।
 | 
हरियाणा सरकार का नया कदम: एआई तकनीक से प्रशासन में सुधार

हरियाणा में प्रशासनिक सुधार के लिए एआई का उपयोग


चंडीगढ़: हरियाणा सरकार अब प्रशासनिक कार्यों की निगरानी और योजनाओं के कार्यान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लेने जा रही है। राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि विभिन्न विभागों की प्रगति का आकलन केवल बैठकों और फाइलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित प्रणाली का उपयोग किया जाएगा।


मुख्यमंत्री सैनी का निर्देश

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सभी विभागों को निर्देशित किया है कि वे अपनी आगामी पांच वर्षों की विस्तृत कार्ययोजना और विकास रोडमैप को एक विशेष एआई प्लेटफॉर्म पर अपलोड करें। इस प्रणाली के माध्यम से विभागों के प्रदर्शन की निरंतर निगरानी की जाएगी और निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। यह पहल हरियाणा विजन-2047 के अंतर्गत राज्य को अधिक परिणामोन्मुखी और जवाबदेह प्रशासन प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल बड़े लक्ष्य निर्धारित करना पर्याप्त नहीं है। प्रत्येक विभाग को अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए वार्षिक और तिमाही स्तर पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करनी होगी। उन्हें यह भी बताना होगा कि अगले पांच वर्षों में कौन से लक्ष्य पूरे किए जाएंगे, प्रत्येक वर्ष की उपलब्धियां क्या होंगी और तिमाही आधार पर कौन से कार्य संपन्न होंगे। इन सभी जानकारियों को एआई सिस्टम में दर्ज किया जाएगा, जिससे वास्तविक समय में प्रगति की निगरानी संभव हो सकेगी।


प्रगति रिपोर्ट की समयबद्धता

समीक्षा प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विभागीय बैठकों से पहले अपनी प्रगति रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट कम से कम दो दिन पहले जमा की जानी चाहिए ताकि अधिकारियों को उसका अध्ययन करने का पर्याप्त समय मिल सके और बैठकों में केवल प्रस्तुतिकरण के बजाय कार्य की गुणवत्ता और परिणामों पर गंभीर चर्चा हो सके।


बैठक के दौरान हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन की विकास योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने पुलिस कर्मियों के लिए बेहतर और पर्याप्त आवास उपलब्ध कराने पर जोर दिया। साथ ही, पुलिस थानों, पुलिस लाइनों और प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के निर्देश भी दिए गए।


पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन की उपलब्धियां

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन अब तक राज्य में 12 हजार से अधिक आवास, 165 पुलिस स्टेशन, 26 महिला पुलिस थाने, 13 पुलिस लाइन, तीन प्रशिक्षण केंद्र और 21 पुलिस पब्लिक स्कूल समेत कई महत्वपूर्ण भवनों का निर्माण कर चुका है।


मुख्यमंत्री ने भविष्य में बनने वाली सरकारी इमारतों को पर्यावरण अनुकूल और ऊर्जा दक्ष बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नए निर्माण कार्यों में ग्रीन बिल्डिंग मॉडल अपनाया जाए, जिससे ऊर्जा की बचत हो और भवनों का रखरखाव भी अधिक टिकाऊ बन सके।