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हैदराबाद में खून के घोटाले का खुलासा: जानवरों का खून मानव ब्लड बैग में मिला

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक इंपोर्ट-एक्सपोर्ट फर्म पर छापेमारी के दौरान मानव उपयोग के ब्लड बैग में जानवरों का खून पाया गया है। इस मामले ने स्वास्थ्य और ड्रग नियंत्रण एजेंसियों को चिंतित कर दिया है। अधिकारियों ने लगभग 1,000 लीटर बकरियों और भेड़ों का खून बरामद किया है, जिसे अवैध तरीके से एकत्र किया गया था। जांच में पता चला है कि यह खून गैरकानूनी क्लिनिकल ट्रायल के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए फर्म के मालिक की तलाश जारी है।
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हैदराबाद में खून के घोटाले का खुलासा: जानवरों का खून मानव ब्लड बैग में मिला

हैदराबाद में चौंकाने वाला मामला


हैदराबाद: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य और ड्रग नियंत्रण एजेंसियों को चिंतित कर दिया है। काचीगुडा क्षेत्र में एक इंपोर्ट-एक्सपोर्ट कंपनी पर छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने मानव उपयोग के लिए बनाए गए ब्लड बैग में जानवरों का खून पाया है। इस खुलासे ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है।


छापेमारी में मिली बकरियों और भेड़ों का खून

ड्रग कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (DCA) की कार्रवाई में लगभग 1,000 लीटर बकरियों और भेड़ों का खून बरामद किया गया, जिसे अवैध तरीके से एकत्रित कर मानव उपयोग वाले ब्लड बैग में पैक किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा ऑपरेशन नियमों के खिलाफ चलाया जा रहा था।


गुप्त सूचना पर की गई संयुक्त छापेमारी

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सेंट्रल ड्रग कंट्रोल अधिकारियों ने हैदराबाद पुलिस और राज्य के ड्रग कंट्रोल विभाग के सहयोग से गुप्त सूचना के आधार पर इस फर्म पर छापा मारा। जब इंसानी उपयोग के ब्लड बैग में जानवरों का खून मिला, तो वरिष्ठ अधिकारी भी चौंक गए।


जानवरों के खून का अवैध उपयोग

जांच में पता चला कि बरामद खून बकरियों और भेड़ों से अवैध तरीके से एकत्र किया गया था। इसे इस तरह पैक किया गया था कि पहली नजर में यह इंसानी खून जैसा दिखता था। अधिकारियों को संदेह है कि इसका उपयोग अवैध गतिविधियों के लिए किया जा सकता था।


आधुनिक मशीनों की बरामदगी

रेड के दौरान केवल खून ही नहीं, बल्कि पैकेजिंग से संबंधित कई अत्याधुनिक मशीनें भी बरामद की गईं। टीम को एक ऑटोक्लेव मशीन, एक लैमिनार एयर फ्लो यूनिट, 110 भरे हुए ब्लड बैग और लगभग 60 खाली ब्लड बैग मिले हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था।


गैरकानूनी क्लिनिकल ट्रायल की संभावना

ड्रग कंट्रोल अधिकारियों के अनुसार, इस तरह से पैक किए गए खून का उपयोग गैरकानूनी क्लिनिकल ट्रायल, प्रयोग या लैब टेस्ट के लिए कल्चर मीडिया तैयार करने में किया जा सकता था। मामले की गहन जांच की जा रही है कि यह खून कहां और किस उद्देश्य से सप्लाई किया जाना था।


फर्म का मालिक फरार

अधिकारियों ने बताया कि जिस इंपोर्ट-एक्सपोर्ट फर्म पर यह रेड की गई है, उसका मालिक फिलहाल फरार है। उसकी तलाश में टीमें जुटी हुई हैं और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।