Newzfatafatlogo

2026 की पहली मासिक शिवरात्रि: जानें पूजा का सही समय और विधि

आज 2026 की पहली मासिक शिवरात्रि मनाई जा रही है, जो शिवभक्तों के लिए विशेष महत्व रखती है। इस दिन भगवान शिव की पूजा से मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। जानें पूजा का सही समय, विधि और उन बातों का ध्यान जो पूजा में मददगार साबित होंगी। सही समय पर पूजा करने से भक्तों को भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
 | 
2026 की पहली मासिक शिवरात्रि: जानें पूजा का सही समय और विधि

मासिक शिवरात्रि का महत्व


मासिक शिवरात्रि: आज 2026 की पहली मासिक शिवरात्रि मनाई जा रही है, जो शिवभक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों की इच्छाएं पूरी होती हैं। मान्यता है कि जो लोग इस दिन श्रद्धा से व्रत रखते हैं और विधिपूर्वक पूजा करते हैं, उन्हें भोलेनाथ का विशेष आशीर्वाद मिलता है।


पूजा का शुभ मुहूर्त

मासिक शिवरात्रि की पूजा में सही समय और विधि का पालन करना आवश्यक है। आज पूजा का शुभ मुहूर्त रात में केवल 52 मिनट का है। हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि आज सुबह 10:51 बजे से शुरू हो रही है और यह 18 जनवरी को रात 12:33 बजे समाप्त होगी।


रात के समय भगवान शिव, मां पार्वती और भगवान गणेश की पूजा का शुभ समय 11:42 बजे से 12:34 बजे तक रहेगा। इस प्रकार, शिवभक्तों को पूजा के लिए 52 मिनट का समय मिलेगा।


पूजा विधि

मासिक शिवरात्रि के दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। इसके बाद पूजा स्थल को साफ करें और भगवान शिव की मूर्ति या तस्वीर के सामने दीप जलाएं। शिवलिंग का गंगाजल से अभिषेक करें और बेलपत्र, धतूरा, दूध, दही और घी अर्पित करें।


इस दिन भगवान शिव के साथ-साथ मां पार्वती और भगवान गणेश की भी पूजा की जाती है। "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का 108 बार जाप करें। शिव चालीसा और मासिक शिवरात्रि कथा का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। पूजा के अंत में भोग लगाएं और सात्विक भोजन ग्रहण करें।


पूजा में ध्यान रखने योग्य बातें

मासिक शिवरात्रि के दिन कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। लहसुन, प्याज और अन्य तामसिक भोजन से दूर रहें। यदि आप व्रत रख रहे हैं, तो उसे पूरा करने का प्रयास करें, क्योंकि व्रत का टूटना शुभ नहीं माना जाता।


पूजा शुरू करने से पहले सुनिश्चित करें कि पूजा स्थल पूरी तरह से स्वच्छ है। पूजा घर में किसी भी अशुद्ध वस्तु का होना पूजा को अधूरा मानता है। व्रत के दौरान मन को शांत रखें, नकारात्मक विचारों से दूर रहें और क्रोध पर नियंत्रण रखें। किसी के प्रति कटु वचन बोलने से बचें। माना जाता है कि जितना शांत और सकारात्मक मन होगा, उतना ही भगवान शिव की कृपा प्राप्त होगी।