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अक्षय तृतीया 2026: महत्व और तिथि की जानकारी

अक्षय तृतीया 2026 का महत्व और तिथि जानें। यह दिन हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है, जिसमें कई ग्रहों के संयोग से लाभ की संभावना है। जानें कब मनाई जाएगी और राशि अनुसार दान की जानकारी।
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अक्षय तृतीया 2026: महत्व और तिथि की जानकारी

अक्षय तृतीया का महत्व


अक्षय तृतीया 2026 : सनातन धर्म में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह तिथि हिंदू धर्म में सबसे शुभ मानी जाती है और इसे 'अबूझ मुहूर्त' कहा जाता है। 'अक्षय' का अर्थ है - जो कभी समाप्त नहीं होता। इस दिन कई ग्रहों के संयोग से एक दुर्लभ स्थिति बन रही है, जिससे कई राशियों को लाभ मिलने की संभावना है।


2026 में अक्षय तृतीया की तिथि और मुहूर्त

अक्षय तृतीया 2026 में 19 अप्रैल, रविवार को मनाई जाएगी।
तृतीया तिथि का प्रारंभ 18 अप्रैल 2026 को शाम 05:31 बजे होगा और समाप्ति 19 अप्रैल 2026 को दोपहर 02:12 बजे तक होगी।


पौराणिक कथाएँ

अक्षय तृतीया के संदर्भ में महाभारत की रचना की कथा महत्वपूर्ण है। इसी दिन महाभारत की रचना प्रारंभ हुई थी। मान्यता है कि भगवान श्री गणेश और महर्षि वेद व्यास के बीच इस दिन संवाद हुआ था, जिसमें वेद व्यास ने गणेश जी से महाभारत लिखने के लिए कहा। गणेश जी ने बिना रुके लिखने की शर्त रखी, और इस प्रकार महाभारत की रचना शुरू हुई।


राशि अनुसार दान

मेष और वृश्चिक: लाल वस्त्र, तांबे के बर्तन, गुड़, मसूर की दाल और अनार।
वृषभ और तुला: सफेद वस्त्र, चावल, चीनी, चांदी की वस्तुएं और शक्कर।
मिथुन और कन्या: हरी सब्जियां/फल, मूंग दाल, हरे कपड़े और ककड़ी।
कर्क: चांदी, दूध, चावल, घी और मोती।
सिंह: गेहूं, गुड़, तांबा और पीले कपड़े।
धनु और मीन: चने की दाल, पीली मिठाई, हल्दी और धार्मिक पुस्तकें।
मकर और कुंभ: काले तिल, उड़द दाल, छाता, चप्पल, नारियल और लोहे के बर्तन।