अयोध्या में राम जन्मोत्सव पर सूर्य तिलक का अद्भुत आयोजन
राम जन्मभूमि मंदिर में धूमधाम से मनाया गया राम जन्मोत्सव
अयोध्या। राम जन्मभूमि मंदिर में राम जन्मोत्सव का आयोजन बड़े धूमधाम से किया गया। दोपहर 12 बजे भगवान सूर्य ने रामलला के ललाट पर तिलक किया, जो लगभग चार मिनट तक चला। यह तिलक उस समय हुआ, जब भगवान राम के जन्म का क्षण माना जाता है। इस बार रामनवमी पर रवि योग और सर्वार्थसिद्धि योग का विशेष संयोग भी बन रहा है, जिससे इस आयोजन का धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। सूर्य तिलक के साथ-साथ रामलला का अभिषेक और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का लाइव प्रसारण भी किया गया, जिसमें देश-विदेश के श्रद्धालु शामिल हुए।
#WATCH | 'Surya tilak' illuminates the forehead of Ram Lalla in Ayodhya's Shree Ram Janmabhoomi Mandir #Ayodhya #RamNavami #ChaitraNavratri #Rammandir #SuryaTilak pic.twitter.com/4w3oh8ug3z
— DD News (@DDNewslive) March 27, 2026
तीन दिन तक किया गया ट्रायल
इससे पहले, बृहस्पतिवार को सूर्य तिलक की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया था। लगातार तीन दिनों तक सूर्य तिलक का सफल ट्रायल किया गया। दोपहर 12 बजे सूर्य की किरणों ने रामलला के मस्तक को आलोकित किया, और यह प्रक्रिया लगभग चार मिनट तक चली। शुक्रवार को भी इसी प्रक्रिया को दोहराया गया।
सूर्य तिलक के लिए अपनाई गई प्रक्रिया
मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, सूर्य तिलक के लिए मंदिर के ऊपरी तल पर विशेष रिफ्लेक्टर, लेंस और मिरर सिस्टम का उपयोग किया गया। सूर्य की किरणें लेंस के माध्यम से दूसरे तल पर लगे दर्पण पर पहुंचीं और वहां से परावर्तित होकर रामलला के ललाट पर तिलक के रूप में दिखाई दीं। यह प्रक्रिया सूर्य की दिशा और गति के अनुसार निर्धारित की गई थी।
