आश्विन माह: प्रमुख व्रत और त्योहारों की जानकारी

आश्विन माह का महत्व
जानें इस महीने में पड़ने वाले प्रमुख व्रत-त्योहार और त्योंहार
आश्विन माह का सनातन धर्म में विशेष स्थान है। इस महीने के कृष्ण पक्ष में पितरों का तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान किया जाता है। पितृ पक्ष का समापन सर्वपितृ अमावस्या के दिन होता है। सरल शब्दों में, आश्विन अमावस्या के दिन पितृ पक्ष समाप्त होता है। इसी महीने में शारदीय नवरात्रि का भी आरंभ होता है।
आश्विन माह की शुरुआत
वैदिक पंचांग के अनुसार, 07 सितंबर को भाद्रपद पूर्णिमा है। इसके बाद 08 सितंबर से आश्विन महीने की शुरुआत होगी। इस दिन से पितरों का तर्पण और पिंडदान किया जाएगा।
पितृ पक्ष का समय
पितृ पक्ष 08 सितंबर से 21 सितंबर तक रहेगा। इस दौरान प्रतिदिन पितरों का तर्पण और पिंडदान किया जाएगा। 21 सितंबर को सर्वपितृ तर्पण का आयोजन होगा। इस समय पितरों का तर्पण करने से साधक पर पूर्वजों की कृपा बनी रहती है।
शारदीय नवरात्र का आरंभ
इस वर्ष शारदीय नवरात्र 22 सितंबर से शुरू होगा और 02 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी। 22 सितंबर से 01 अक्टूबर तक शारदीय नवरात्र का पर्व मनाया जाएगा। इस दौरान देवी मां दुर्गा की पूजा की जाती है।
आश्विन एकादशी
आश्विन माह में इंदिरा और पापाकुंशा एकादशी का पर्व मनाया जाता है। इस साल 17 सितंबर को इंदिरा एकादशी होगी, जबकि 02 अक्टूबर को दशहरा और पापाकुंशा एकादशी मनाई जाएगी। इस अवसर पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाएगी।