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तुलसी की पूजा का सही समय और दीपक जलाने के नियम

तुलसी का पौधा हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है, जिसमें मां लक्ष्मी का वास माना जाता है। इस लेख में हम जानेंगे कि तुलसी की पूजा का सही समय क्या है और दीपक जलाने के नियम क्या हैं। सही विधि से पूजा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है। जानें कब जल चढ़ाना चाहिए और कब दीपक जलाना शुभ होता है।
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तुलसी की पूजा का सही समय और दीपक जलाने के नियम

तुलसी का महत्व

हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। यह माना जाता है कि इस पौधे में मां लक्ष्मी का निवास होता है। यदि आप नियमित रूप से तुलसी की पूजा करती हैं और उसके पास दीपक जलाती हैं, तो आपके घर में सुख और शांति बनी रहती है। हालांकि, यदि तुलसी की पूजा विधिपूर्वक नहीं की जाती है, तो इसके नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं।


तुलसी की पूजा का शुभ समय

तुलसी की पूजा सुबह और शाम किसी भी समय की जा सकती है, लेकिन इसके लिए शुभ समय ब्रह्म मुहूर्त से लेकर सूर्योदय के कुछ घंटों तक माना जाता है। आप सुबह 4:00 बजे से 8:00 बजे के बीच किसी भी समय पूजा कर सकती हैं। शाम को सूर्यास्त के समय भी पूजा करना उचित है। दिन के समय तुलसी की पूजा नहीं करनी चाहिए, और सूतक या ग्रहण काल में भी पूजा से बचना चाहिए।


दीपक जलाने का सही समय

तुलसी के पास दीपक हमेशा ब्रह्म मुहूर्त या शाम के समय जलाना चाहिए। ब्रह्म मुहूर्त में तुलसी को जल चढ़ाना, दीपक जलाना और 7 बार परिक्रमा करना शुभ माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और भगवान विष्णु तथा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। सूर्यास्त के बाद दीपक जलाना भी शुभ है, लेकिन इस दौरान तुलसी को छूना नहीं चाहिए।


जल चढ़ाने का समय

सुबह के समय तुलसी के पौधे में जल चढ़ाना चाहिए। ब्रह्म मुहूर्त में जल चढ़ाना सबसे शुभ होता है, जिससे ऊर्जा का संचार अधिक होता है। सूर्यास्त के बाद या रात में जल चढ़ाना नहीं चाहिए, क्योंकि इससे नकारात्मक फल मिल सकते हैं। विशेषकर रविवार और एकादशी को जल नहीं चढ़ाना चाहिए, क्योंकि इन दिनों मां तुलसी भगवान विष्णु के लिए निर्जला उपवास करती हैं।