भगवान शिव की पूजा के लिए 7 महत्वपूर्ण नियम
भगवान शिव की आराधना का महत्व
नई दिल्ली- सनातन धर्म में भगवान शिव को शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवताओं में से एक माना जाता है। यह मान्यता है कि सच्चे मन से की गई शिव आराधना भक्तों की सभी इच्छाओं को पूरा करती है। विशेष रूप से सोमवार, प्रदोष व्रत और महाशिवरात्रि के दिन की गई पूजा का विशेष महत्व है।
शिव पूजा के नियम
धार्मिक ग्रंथों में भगवान शिव की पूजा के लिए कुछ विशेष नियम बताए गए हैं। इन नियमों का पालन करने से महादेव की कृपा प्राप्त होती है, जबकि अनदेखी करने पर पूजा का फल अधूरा रह सकता है। आइए जानते हैं शिव पूजा से जुड़े 7 महत्वपूर्ण नियमों के बारे में—
1. साफ और हल्के रंग के वस्त्र पहनें
शिव पूजा से पहले स्नान करना आवश्यक है। पूजा के समय सफेद या पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। यदि संभव हो तो बिना सिले सफेद वस्त्र पहनकर भगवान शिव की आराधना करें।
2. सही दिशा में बैठकर करें पूजा
भगवान शिव की पूजा घर के ईशान कोण या मंदिर में पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके करनी चाहिए। पूजा हमेशा आसन पर बैठकर करें और ऊनी आसन का उपयोग शुभ माना जाता है।
3. गंगाजल और बेलपत्र जरूर चढ़ाएं
शिव पूजा में गंगाजल और बेलपत्र का विशेष महत्व है। महादेव को तांबे के पात्र से गंगाजल अर्पित करें और बेलपत्र की डंडी तोड़कर उल्टा चढ़ाएं। मान्यता है कि इससे भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
4. इन चीजों का करें उपयोग, लेकिन तुलसी न चढ़ाएं
भगवान शिव को धतूरा, भांग, बेल फल, सफेद चंदन, आक के फूल और सफेद पुष्प प्रिय माने गए हैं। वहीं, शिव पूजा में तुलसी, केतकी का फूल, सिंदूर और शंख का प्रयोग वर्जित माना गया है।
5. भस्म और रुद्राक्ष का है विशेष महत्व
शिव पूजा में भस्म और रुद्राक्ष का खास स्थान है। पूजा के दौरान भगवान शिव को भस्म अर्पित करें और स्वयं भी माथे पर त्रिपुंड लगाकर रुद्राक्ष की माला धारण करें।
6. शिवलिंग पर ऐसे करें अभिषेक
सोमवार के दिन कच्चे गाय के दूध से शिवलिंग का अभिषेक करना शुभ माना जाता है। ध्यान रखें कि प्लास्टिक की थैली से सीधे दूध न चढ़ाएं और उबला हुआ दूध भी अर्पित न करें। पूजा के अंत में शिवलिंग की आधी परिक्रमा करें और जलहरी को पार न करें।
7. बार-बार न बदलें शिवलिंग का स्थान
यदि घर में पारद या नर्मदेश्वर शिवलिंग स्थापित है तो उसका स्थान बार-बार नहीं बदलना चाहिए। यदि किसी कारण से स्थान परिवर्तन करना पड़े तो विधि-विधान से पूजा कर योग्य पुजारी की सलाह के साथ ही स्थापित करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धा, पवित्रता और नियमों के साथ की गई शिव पूजा भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आती है।
