माता वैष्णो देवी धाम में नए साल पर यात्रा पंजीकरण अस्थायी रूप से रोका गया
यात्रा पंजीकरण पर रोक
जम्मू कश्मीर के कटरा में स्थित माता वैष्णो देवी धाम में नए साल के मौके पर श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए श्राइन बोर्ड ने यात्रा पंजीकरण को अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया है। यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन के लिए उठाया गया है।
नए पंजीकरण की उपलब्धता
श्राइन बोर्ड ने जानकारी दी है कि गुरुवार सुबह तक वैष्णो देवी यात्रा के लिए नया पंजीकरण नहीं होगा। श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे अपनी यात्रा की योजना आधिकारिक अपडेट के अनुसार बनाएं।
भीड़ प्रबंधन के लिए निर्णय
हर साल नए वर्ष पर माता वैष्णो देवी मंदिर में लाखों श्रद्धालु आते हैं। इस बार भी 31 दिसंबर और 1 जनवरी के आसपास कटरा और भवन मार्ग पर भारी भीड़ देखी गई।
यात्रियों की संख्या जब तय क्षमता से अधिक हो जाती है, तो अस्थायी रोक लगाना आवश्यक हो जाता है ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या जोखिम से बचा जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन अब केवल सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा की आवश्यकता बन चुका है।
श्रद्धालुओं के लिए सलाह
श्राइन बोर्ड ने यात्रियों को कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:
- केवल आधिकारिक वेबसाइट और ऐप से जानकारी प्राप्त करें।
- पीक समय, जैसे सप्ताहांत और त्योहारों में यात्रा से बचें।
- पहले से आवास और पंजीकरण सुनिश्चित करें।
- मौसम और मार्ग की स्थिति की जांच करें।
इन सुझावों का पालन करने से यात्रा आसान होगी और अन्य श्रद्धालुओं को भी राहत मिलेगी।
सीईओ का बयान
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन कुमार वैश्य ने बताया कि बोर्ड यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है, आवास क्षमता बढ़ाई गई है, और दर्शन प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाया गया है।
उनके अनुसार, नए साल पर श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या आस्था की मजबूती को दर्शाती है और प्रशासन इसके लिए पूरी तरह तैयार है।
नया साधना कक्ष
श्राइन बोर्ड ने हाल ही में मंदिर परिसर में साधना कक्ष की शुरुआत की है, जिसे 13 दिसंबर को श्रद्धालुओं के लिए खोला गया था।
यह स्थान उन भक्तों के लिए है जो यात्रा के दौरान ध्यान, प्रार्थना और मानसिक शांति का अनुभव करना चाहते हैं। शुरुआती प्रतिक्रिया सकारात्मक रही है और कई श्रद्धालुओं ने इसे यात्रा का खास हिस्सा बताया है।
श्रद्धालुओं की संख्या में गिरावट
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में अब तक 69 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 94.84 लाख से अधिक थी।
इसका मतलब है कि लगभग 27 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि सुरक्षा से जुड़ी घटनाएं, खराब मौसम और यात्रा प्रतिबंध इस गिरावट के प्रमुख कारण रहे हैं।
हालांकि, हाल के हफ्तों में संख्या फिर से बढ़ रही है, जिसे प्रशासन सकारात्मक संकेत मान रहा है।
भविष्य की उम्मीदें
श्राइन बोर्ड को उम्मीद है कि 2026 में श्रद्धालुओं की संख्या फिर तेजी से बढ़ेगी। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल पंजीकरण और ध्यान केंद्रित सुविधाओं से वैष्णो देवी यात्रा का अनुभव पहले से अधिक सुरक्षित और सहज बनने की संभावना है।
