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मोहिनी एकादशी 2026: पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

मोहिनी एकादशी 2026 का महत्व और पूजा विधि जानें। इस दिन भगवान विष्णु के मोहिनी रूप की पूजा से सभी पापों से मुक्ति और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। जानें इस विशेष दिन की तिथि और शुभ मुहूर्त।
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मोहिनी एकादशी 2026: पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

मोहिनी एकादशी का महत्व

मोहिनी एकादशी 2026: जब भी असुरों का प्रभाव बढ़ा, तब भगवान श्रीनारायण ने विभिन्न रूपों में अवतार लेकर देवताओं की रक्षा की। भगवान विष्णु ने सभी अवतार पुरुष के रूप में लिए, लेकिन एकमात्र स्त्री अवतार 'मोहिनी' के रूप में प्रकट हुए।
वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। समुद्र मंथन के दौरान भगवान विष्णु ने असुरों से अमृत की रक्षा करने और देवताओं को अमृत प्रदान करने के लिए मोहिनी रूप धारण किया। यह अवतार विष्णु जी की स्त्री शक्ति और मोहकता का प्रतीक है, जिसने देवताओं के प्राणों की रक्षा की।


मोहिनी एकादशी का व्रत

मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय अमृत कलश को असुरों से बचाने के लिए भगवान विष्णु ने इसी दिन 'मोहिनी' रूप धारण किया था। इस दिन सच्चे मन से व्रत रखने और विधिपूर्वक भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी पापों से मुक्ति और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।


तिथि और शुभ मुहूर्त

तिथि और शुभ मुहूर्त:
हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख शुक्ल एकादशी तिथि और शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:

मोहिनी एकादशी तिथि: 27 अप्रैल 2026, सोमवार
एकादशी तिथि प्रारंभ: 26 अप्रैल 2026 को शाम 06:06 बजे से
एकादशी तिथि समाप्त: 27 अप्रैल 2026 को शाम 06:15 बजे तक
पारण (व्रत तोड़ने का समय): 28 अप्रैल 2026 को सुबह 05:43 से 08:21 के बीच


पूजा विधि

मोहिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को पीले फूल, पंचामृत, चंदन, अक्षत और धूप-दीप अर्पित करें। भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय है, इसलिए भोग में तुलसी दल अवश्य शामिल करें। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें। मोहिनी एकादशी व्रत कथा पढ़ें और अंत में आरती करें।