शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का विवाद: यौन शोषण के आरोपों पर बड़ा बयान
शंकराचार्य का बयान
वाराणसी। प्रयागराज के झूंसी थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज होने के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि हमला होगा, लेकिन इस स्तर की नीचता की कल्पना नहीं की थी। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि गौ हत्यारे कितनी गिरावट पर जा सकते हैं। योगी आदित्यनाथ जैसे लोग भी इस नीचता में शामिल हैं। यह धर्म युद्ध की शुरुआत है, और हम इसे रोकने का इरादा नहीं रखते हैं।
आरोपों का जवाब
शंकराचार्य ने आरोप लगाने वाले व्यक्ति को हिस्ट्रीशीटर बताते हुए कहा कि वह अपराध की लंबी सूची के साथ खुले घूम रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस अपराधियों को छोड़ रही है और सज्जनों को बंधन में रख रही है। उन्होंने प्राचीन समय के राक्षसों का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे मारीच और ताड़का ने विश्वामित्र के यज्ञ में बाधा डाली थी।
धर्म युद्ध की घोषणा
हमने यह धर्म युद्ध शुरू किया है जो अब रुकेगा नहीं- शंकराचार्य
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि कुछ लोग सनातन धर्म का नाम लेकर नीचता पर उतर आए हैं, इसलिए उन्होंने यह धर्म युद्ध शुरू किया है। उन्होंने खुद को सत्य के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करते हुए कहा कि वे सूर्य के समान हैं, क्योंकि उन्होंने सत्य को पकड़ा है।
गिरफ्तारी की आशंका
यौन शोषण के आरोपों के बीच स्वामी ने कहा कि यदि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास करती है, तो वे पूरी तरह से सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और सच्चाई सामने आएगी। अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि समय के साथ यह स्पष्ट होगा।
पुलिस की कार्रवाई
अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन शोषण का मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। शनिवार को कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई और रविवार को शिकायतकर्ता से मुलाकात कर साक्ष्य जुटाए गए।
माघ मेला विवाद
माघ मेला 2026 में अविमुक्तेश्वरानंद को स्नान के दौरान घंटों रोका गया था, जिसके बाद उनके शिष्यों के साथ पुलिस की हाथापाई का वीडियो वायरल हुआ। इसके विरोध में उन्होंने धरना दिया था। आशुतोष ब्रह्मचारी ने उन पर नाबालिगों के यौन शोषण का आरोप लगाया था, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
