शकुन शास्त्र: घर से बाहर निकलते समय ध्यान रखने योग्य संकेत
शकुन और अपशकुन के संकेत
नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, प्रकृति हमें शकुन और अपशकुन के माध्यम से आने वाले संकट या लाभ के प्रति सचेत करती है। भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में शकुन शास्त्र का विशेष महत्व है। सदियों से चली आ रही मान्यताओं के अनुसार, हमारे साथ दैनिक जीवन में घटने वाली कुछ घटनाएं भविष्य का संकेत देती हैं। खासकर, जब हम किसी शुभ कार्य, इंटरव्यू या व्यापारिक सौदे के लिए घर से बाहर कदम रखते हैं, तो उस दौरान हमारे सामने आने वाली चीजें हमारे काम की सफलता और विफलता का कारण बनती हैं।
धन-हानि और असफलता के संकेत
शकुन शास्त्र के अनुसार, यदि घर की दहलीज पार करते ही कुछ नकारात्मक चीजें सामने आ जाएं, तो बनते काम भी बिगड़ जाते हैं। जैसे,
खाली बर्तन का दिखना
यदि आपके घर से निकलते ही कोई व्यक्ति खाली बाल्टी या घड़ा लेकर सामने आ जाए, तो इसे अशुभ माना जाता है क्योंकि यह काम में बाधा और आर्थिक नुकसान का संकेत है।
एक बार छींक आना
यदि आप किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए बाहर निकल रहे हैं और अचानक से एक छींक सुनाई दे, तो वह कार्य अधूरा रह सकता है।
बिल्लियों का रोना या लड़ना
यदि आप यात्रा कर रहे हैं और रास्ते में बिल्लियों का आपस में लड़ना या उनके रोने की आवाज सुनाई दे, तो यह किसी बड़ी दुर्घटना या पारिवारिक विवाद का सूचक है।
बिखरा हुआ कूड़ा और दूध
घर से बाहर निकलते वक्त मुख्य द्वार पर गंदगी, बिखरी झाड़ू या जमीन पर गिरा हुआ दूध दिखना मां लक्ष्मी के नाराज होने का संकेत होता है।
सकारात्मक संकेत जो भाग्य लाते हैं
इसके विपरीत, कुछ ऐसी चीजें भी हैं जिनका दिखना देवी-देवताओं की कृपा का प्रतीक माना जाता है। जैसे, इन चीजों के दिखने से किस्मत चमकती है:
गाय और बछड़ा
यदि आपके घर से बाहर निकलते ही रास्ते में गाय अपने बछड़े को दूध पिलाती नजर आए, तो समझें आपकी यात्रा सफल होने वाली है।
जल से भरा पात्र
मान्यताओं के अनुसार, पानी से लबालब भरा घड़ा या बाल्टी का आपके नजर के सामने आना धन लाभ और सुख-समृद्धि का संकेत देता है।
सफाईकर्मी का दिखना
सुबह के समय यदि झाड़ू लगाता हुआ सफाईकर्मी दिखना भी भाग्यशाली माना जाता है, इससे सोई हुई किस्मत जाग उठती है।
अपशकुन के समय उपाय
यदि घर से निकलते ही कोई अशुभ संकेत दिख जाए, तो घबराने की जरूरत नहीं है। शकुन शास्त्र के अनुसार, तुरंत दो मिनट के लिए दुबारा वापस घर के अंदर चले जाएं। फिर आराम से बैठकर जल ग्रहण करें और अपने इष्ट देव का स्मरण करें। इसके बाद थोड़ा सा गुड़ या मीठा खाकर पुन: प्रस्थान करें। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव समाप्त हो जाता है और आने वाला संकट भी टल जाता है।
