शुक्रवार को विवाह में आ रही बाधाओं के लिए प्रभावी उपाय
विवाह संस्कार का महत्व
जीवन में विवाह का महत्व
हिंदू धर्म में विवाह को 16 संस्कारों में से एक माना जाता है। यह संस्कार जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। हर व्यक्ति चाहता है कि उसे एक अच्छा जीवनसाथी मिले। विवाह जीवन का एक महत्वपूर्ण चरण है, जो व्यक्ति के सामाजिक और आध्यात्मिक विकास में सहायक होता है। गृहस्थ जीवन की शुरुआत विवाह के बाद ही होती है।
विवाह में बाधाओं के कारण
कुछ लोगों के विवाह जल्दी हो जाते हैं, जबकि दूसरों को कई बाधाओं का सामना करना पड़ता है। कभी-कभी ग्रहों की स्थिति या कुंडली में दोष विवाह में देरी का कारण बनते हैं। ऐसे में लोग ज्योतिषियों से सलाह लेते हैं और उनके बताए उपायों का पालन करते हैं। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी और शुक्र ग्रह को समर्पित होता है।
शुक्र ग्रह का महत्व
ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को भौतिक सुख, ऐश्वर्य, प्रेम, वैवाहिक सुख, सौंदर्य और कला का प्रतीक माना गया है। यदि किसी की लग्न कुंडली में शुक्र की स्थिति कमजोर है, तो उसके विवाह में बाधाएं आ सकती हैं। ऐसे में शुक्रवार को विशेष उपाय किए जाते हैं।
शुक्रवार को करने वाले उपाय
ज्योतिष के अनुसार, विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए शुक्रवार को संतोषी मां या देवी दुर्गा की पूजा करना सबसे प्रभावी उपाय है। इस दिन सफेद वस्तुओं का दान (जैसे दूध, दही, इत्र), जरूरतमंद महिलाओं को वस्त्र भेंट करना, राधा-कृष्ण मंदिर में मिश्री का भोग लगाना, या गाय को हल्दी लगे आलू खिलाने से विवाह के योग जल्दी बनते हैं और बाधाएं दूर होती हैं।
