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हरिद्वार कुंभ मेला 2027: हिंदू संगठनों की सुरक्षा की मांग

हरिद्वार में 2027 में आयोजित होने वाले अर्धकुंभ मेले के लिए हिंदू संगठनों ने सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने कुंभ क्षेत्र को पूरी तरह हिंदू क्षेत्र घोषित करने की अपील की है, ताकि धार्मिक अनुष्ठानों की शुद्धता बनी रहे। इसके साथ ही, 1935 के श्री गंगा सभा एक्ट का हवाला देते हुए उन्होंने गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है और क्यों यह विषय महत्वपूर्ण है।
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हरिद्वार कुंभ मेला 2027: हिंदू संगठनों की सुरक्षा की मांग

हरिद्वार में अर्धकुंभ मेला 2027

हरिद्वार में 2027 में अर्धकुंभ मेला आयोजित होने जा रहा है, जिसमें लाखों श्रद्धालु गंगा में स्नान, पूजा और ध्यान के लिए एकत्रित होंगे। हालांकि, हिंदू संगठनों ने चिंता जताई है कि देश में 'थूक जिहाद, लव जिहाद, लैंड जिहाद' जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। इसके अलावा, बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और रोहिंग्या तथा बांग्लादेशी घुसपैठ की बढ़ती समस्या को लेकर उन्होंने कुंभ मेला क्षेत्र को पूरी तरह हिंदू क्षेत्र घोषित करने की मांग की है।


1935 के श्री गंगा सभा एक्ट का संदर्भ

हर की पैड़ी में श्री गंगा सभा के 1935 के एक्ट के अनुसार मांस की बिक्री और मांस की दुकानें निषिद्ध हैं। इस एक्ट में गैर-हिंदुओं के कुंभ और पैड़ी क्षेत्र में प्रवेश पर भी रोक लगाई गई है। श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने बताया कि यह व्यवस्था धर्म और परंपरा की रक्षा के लिए अंग्रेजों के समय में बनाई गई थी। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हो रही घटनाओं और धार्मिक अनुष्ठानों पर खतरे को देखते हुए यह व्यवस्था और भी महत्वपूर्ण हो गई है।


कुंभ क्षेत्र को हिंदू क्षेत्र घोषित करने की अपील

नितिन गौतम ने कहा कि अब गैर-हिंदुओं द्वारा धार्मिक अनुष्ठानों में बाधा डालने के मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने पूरे कुंभ क्षेत्र को हिंदू क्षेत्र घोषित करने और सभी घाटों तथा धार्मिक स्थलों पर अहिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने सरकार से अपील की कि पुराने नियमों को लागू किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिल सके।


प्रयागराज की व्यवस्था की आवश्यकता

तीर्थ पुरोहित उज्ज्वल पंड्या ने कहा कि जिनका धर्म और संस्कृति से कोई संबंध नहीं है, वे अनुष्ठानों में खलल डालते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि हरिद्वार में भी सभी कार्य केवल हिंदू कारीगरों द्वारा किए जाने चाहिए और क्षेत्र में गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक लगाई जानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री धामी को धर्म रक्षक बताया और उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांग पर ध्यान देगी।