EPFO ने ऑनलाइन क्लेम प्रक्रिया को किया सख्त, जानें कैसे करें KYC अपडेट
EPFO की नई ऑनलाइन क्लेम प्रक्रिया
करनाल, 28 अप्रैल। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सदस्यों के लिए ऑनलाइन क्लेम प्रक्रिया को और अधिक सख्त बना दिया है। अब यदि आपके 'यूनीफाइड पोर्टल' पर केवाईसी (KYC) जानकारी अधूरी या गलत है, तो आप अपने पीएफ का पैसा नहीं निकाल सकेंगे। अक्सर देखा गया है कि आधार में नाम की स्पेलिंग और पीएफ रिकॉर्ड में दर्ज नाम में थोड़ी भी भिन्नता होने पर EPFO का सिस्टम क्लेम को तुरंत अस्वीकृत कर देता है। इसलिए निकासी या ट्रांसफर के लिए आवेदन करने से पहले यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि आपका बैंक खाता, पैन और आधार आपके यूएएन (UAN) नंबर से पूरी तरह से सत्यापित हो।
घर बैठे ऑनलाइन केवाईसी अपडेट करने का तरीका
आपके लिए अच्छी खबर है कि इस प्रक्रिया के लिए आपको EPFO कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है। आप 'EPFO Unified Member Portal' पर जाकर अपने यूएएन नंबर और पासवर्ड से लॉग-इन करें। इसके बाद 'Manage' टैब में जाकर 'KYC' विकल्प का चयन करें। यहां आपको बैंक, पैन और आधार की जानकारी भरने का विकल्प मिलेगा। सही जानकारी दर्ज करने के बाद 'Save' पर क्लिक करें। आपकी रिक्वेस्ट 'Pending for Approval' सेक्शन में चली जाएगी। बैंक की जानकारी संबंधित बैंक द्वारा और अन्य डेटा आपके नियोक्ता द्वारा डिजिटल रूप से अनुमोदित किया जाएगा।
नियोक्ता की मंजूरी और डिजिटल सिग्नेचर अनिवार्य
कई कर्मचारी शिकायत करते हैं कि उन्होंने पोर्टल पर केवाईसी अपडेट कर दी है, लेकिन स्टेटस अभी भी पेंडिंग है। इसका मुख्य कारण यह है कि जब तक आपकी कंपनी या नियोक्ता अपने 'डिजिटल सिग्नेचर' (DSC) का उपयोग कर इसे अनुमोदित नहीं करता, तब तक डेटा EPFO के पास अपडेट नहीं होता। ऐसी स्थिति में आपको अपनी कंपनी के एचआर विभाग से संपर्क करना चाहिए। एक बार नियोक्ता की मंजूरी मिलते ही आपका केवाईसी स्टेटस 'Approved' हो जाएगा और आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर इसका संदेश भी आएगा।
इन छोटी गलतियों से रुक सकता है आपका पैसा
केवाईसी अपडेट करते समय सबसे अधिक सावधानी बैंक विवरण भरते समय बरतें। हाल के वर्षों में कई बैंकों के विलय के कारण उनके आईएफएससी (IFSC) कोड बदल गए हैं। यदि आप पुराना कोड डालते हैं, तो पैसा आपके खाते में नहीं आएगा। इसके अलावा, सुनिश्चित करें कि आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक है, क्योंकि अंतिम सत्यापन ओटीपी (OTP) के जरिए ही होगा। यदि आपकी जन्मतिथि में पीएफ रिकॉर्ड और आधार के बीच 3 साल से अधिक का अंतर है, तो ऑनलाइन रिक्वेस्ट के साथ आपको जॉइंट डिक्लेरेशन फॉर्म भी जमा करना पड़ सकता है।
