अमरनाथ यात्रा 2023: पंजीकरण और महत्वपूर्ण तिथियाँ
अमरनाथ यात्रा का कार्यक्रम
श्रीनगर - इस वर्ष की पवित्र अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से आरंभ होगी और यह 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन समाप्त होगी। यात्रा की कुल अवधि 57 दिनों की होगी। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यात्रा से पूर्व भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए 'प्रथम पूजा' 29 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन आयोजित की जाएगी। यह पूजा यात्रा की आधिकारिक शुरुआत से पहले एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान मानी जाती है।
श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के अनुसार, यात्रा के लिए पंजीकरण 15 अप्रैल से प्रारंभ होगा। श्रद्धालु इस तिथि से अपनी यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। हालांकि, आमतौर पर यात्रा की निर्धारित तिथि से कुछ दिन पहले एडवांस रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया जाता है, इसलिए श्रद्धालुओं को समय पर पंजीकरण कराने की सलाह दी गई है। धार्मिक दृष्टि से अमरनाथ यात्रा का विशेष महत्व है। अमरनाथ गुफा को हिंदू धर्म के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि इसी गुफा में भगवान शिव ने माता पार्वती को “अमर कथा” यानी अमरत्व का रहस्य सुनाया था। कहा जाता है कि इस दौरान वहां मौजूद कबूतरों की एक जोड़ी ने भी इस कथा को सुन लिया था और वे आज भी अमर माने जाते हैं। कई श्रद्धालु आज भी गुफा के आसपास इन कबूतरों के दर्शन होने का दावा करते हैं।
हर साल लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में भाग लेते हैं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। पिछले वर्ष भी अमरनाथ यात्रा की शुरुआत 3 जुलाई को हुई थी, जो 38 दिनों तक चली और 9 अगस्त 2025 (रक्षाबंधन के दिन) को समाप्त हुई थी।
