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PM मोदी ने मन्नथु पद्मनाभन की जयंती पर दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के महान समाज सुधारक मन्नथु पद्मनाभन की 48वीं जयंती पर उन्हें याद किया। उन्होंने उनके आदर्शों और समाज सेवा के प्रति समर्पण की सराहना की। मन्नथु पद्मनाभन का जीवन शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के लिए प्रेरणादायक रहा है। जानें उनके योगदान और उपलब्धियों के बारे में इस लेख में।
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PM मोदी ने मन्नथु पद्मनाभन की जयंती पर दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री ने महान समाज सुधारक को याद किया


नई दिल्ली: आज केरल के प्रसिद्ध समाज सुधारक मन्नथु पद्मनाभन की 48वीं जयंती है। इस अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि मन्नथु पद्मनाभन के आदर्श हमेशा हमें एक दयालु, न्यायपूर्ण और सामंजस्यपूर्ण समाज की ओर मार्गदर्शन करते रहेंगे।


समाज सेवा में समर्पित जीवन

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि मन्नथु पद्मनाभन एक दूरदर्शी व्यक्ति थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन समाज सेवा को समर्पित किया। उनकी जयंती पर हम उन्हें श्रद्धा के साथ याद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सच्ची प्रगति गरिमा, सामाजिक सुधार और समानता में निहित है। उनके प्रयास, विशेषकर महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में, प्रेरणादायक हैं।


भारत केसरी की उपाधि से सम्मानित

मन्नथु पद्मनाभन का जन्म 2 जनवरी, 1878 को हुआ था। वे एक स्वतंत्रता सेनानी, महान समाज सुधारक और नायर सर्विस सोसाइटी के संस्थापक थे। उन्हें नायर समुदाय के उत्थान और केरल में सामाजिक समानता लाने के लिए उनके कार्यों के लिए जाना जाता है। उन्हें भारत केसरी की उपाधि से भी सम्मानित किया गया।


केरल के मदन मोहन मालवीय

सरदार के.एम. पणिक्कर ने उन्हें केरल का मदन मोहन मालवीय कहा था। मन्नथु पद्मनाभन को 1966 में पद्म भूषण से नवाजा गया। उन्होंने गुरुवयूर सत्याग्रह (1931) और वैकोम सत्याग्रह (1924) में सक्रिय भाग लिया, ताकि निचली जातियों को मंदिरों में प्रवेश मिल सके। उन्होंने केरल में सैकड़ों स्कूलों, अस्पतालों और कॉलेजों की स्थापना की। इसके अलावा, वे 1949 में त्रावणकोर विधानसभा के सदस्य भी रहे।