अमरनाथ यात्रा की तैयारी: बाबा बर्फानी का 6-7 फीट ऊंचा शिवलिंग तैयार
बाबा बर्फानी के शिवलिंग की पहली झलक
नई दिल्ली - पवित्र अमरनाथ यात्रा की शुरुआत से पहले शनिवार को बाबा बर्फानी के हिम शिवलिंग की पहली तस्वीरें सामने आई हैं। यह प्राकृतिक बर्फ से बना शिवलिंग अब लगभग 6 से 7 फीट ऊंचा हो चुका है। गुफा परिसर में तैनात सुरक्षा बलों के जवानों ने सबसे पहले बाबा बर्फानी के दर्शन किए।
यात्रा की तिथियाँ और रजिस्ट्रेशन
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू होकर 9 अगस्त 2026 तक चलेगी। श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर भारी उत्साह है और अब तक 3.6 लाख से अधिक लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार यात्रियों की संख्या 5 लाख के आंकड़े को पार कर सकती है।
मार्गों की तैयारियाँ
दोनों मार्गों पर तैयारियां तेज
यात्रा बालटाल-सोनमर्ग और पारंपरिक नुनवान-पहलगाम मार्ग से संचालित की जाएगी। हालांकि, दोनों रास्तों पर अभी भी भारी बर्फ जमी हुई है। सामान्य इलाकों में 6 से 8 फीट और हिमस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में 10 से 12 फीट तक बर्फ मौजूद है।
सीमा सड़क संगठन (BRO) लगातार ट्रैक बहाली के काम में जुटा हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, बालटाल मार्ग पर करीब 9 किलोमीटर और पहलगाम मार्ग पर लगभग 8 किलोमीटर हिस्से से बर्फ हटाई जा चुकी है। ट्रैक को चौड़ा करने और सुरक्षा ढांचे को बेहतर बनाने का काम तेजी से चल रहा है। दावा किया जा रहा है कि 15 जून तक दोनों मार्ग पूरी तरह तैयार हो जाएंगे।

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बदलाव
ग्रुप रजिस्ट्रेशन पर रोक
5 से 30 श्रद्धालुओं वाले समूहों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया फिलहाल बंद कर दी गई है। हालांकि, व्यक्तिगत और छोटे समूहों के लिए स्लॉट उपलब्ध रहने तक रजिस्ट्रेशन जारी रहेंगे। श्रद्धालु पंजाब नेशनल बैंक, जम्मू-कश्मीर बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यस बैंक की अधिकृत शाखाओं के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं।
पिछले वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में करीब 4.14 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे, जबकि 2024 में यह संख्या 5.10 लाख से अधिक रही थी।
आधुनिक सुविधाओं का प्रावधान
इस बार यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए इस बार बेस कैंपों में टेंट की जगह प्री-फैब्रिकेटेड और फाइबर स्ट्रक्चर तैयार किए जा रहे हैं। इन आधुनिक आवासीय ढांचों में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। हर भवन में 48 कमरे बनाए गए हैं, जिनमें अटैच्ड वॉशरूम, गर्म और ठंडे पानी की व्यवस्था तथा पैंट्री जैसी सुविधाएं होंगी। प्रशासन का कहना है कि अचानक मौसम खराब होने या तापमान गिरने की स्थिति में ये स्ट्रक्चर अधिक सुरक्षित साबित होंगे। तीन साल पहले शुरू हुई यह परियोजना अब लगभग पूरी होने की कगार पर है।
