उत्तराखंड में गैस वितरण व्यवस्था को सुधारने के लिए कंट्रोल रूम की स्थापना
गैस वितरण व्यवस्था की समीक्षा बैठक
उत्तराखंड: जनपद में एलपीजी गैस की उपलब्धता और वितरण को सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी सविन बंसल ने आयल कंपनियों के अधिकारियों और गैस एजेंसी संचालकों के साथ एक बैठक आयोजित की। इस बैठक में निर्देश दिए गए कि जिला पूर्ति अधिकारी प्रतिदिन आपदा कंट्रोल रूम में आयल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक घंटा बिताकर वितरण और स्टॉक बैकलॉग की जानकारी प्राप्त करेंगे और एलपीजी गैस से संबंधित शिकायतों का समाधान करेंगे।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार, घरेलू उपभोक्ताओं को गैस वितरण में प्राथमिकता दी जानी चाहिए ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। घरेलू गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी ओटीपी आधारित प्रणाली के माध्यम से की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी और अनियमितताओं पर नियंत्रण रखा जा सके। गैस एजेंसियों को निर्देश दिया गया कि यदि ऑनलाइन बुकिंग में कोई समस्या आती है, तो वे मैन्युअल बुकिंग करें।
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि जिले में एलपीजी सिलेंडर से संबंधित समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आपदा कंट्रोल रूम में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। नागरिक किसी भी समस्या या शिकायत के लिए कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 1077, 0135-2626066 और 0135-2726066 पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और ईंधन का समझदारी से उपयोग करें।
जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्र में गैस एजेंसियों का रेंडम स्टॉक और बैकलॉग की जांच करें। यदि गैस वितरण में कोई अनियमितता या अवैध गतिविधि पाई जाती है, तो संबंधित गैस एजेंसियों को सील करने के निर्देश दिए गए। सभी एसडीएम को यह भी निर्देश दिया गया कि वे होटल और व्यवसायिक संस्थानों के साथ बैठक करें और घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग पर सख्त कार्रवाई करें।
बैठक में बताया गया कि जनपद में कुल 72 गैस एजेंसियां हैं, जो लगभग 7.81 लाख घरेलू और 19,624 व्यवसायिक उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति करती हैं। गैस की आपूर्ति एचपीसीएल, बीपीसीएल और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन द्वारा की जाती है।
जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम और जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिया कि घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए नियमित छापेमारी अभियान चलाया जाए। यदि कहीं भी घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग पाया जाता है, तो संबंधित सिलेंडर जब्त किए जाएंगे और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि व्यवसायिक गैस सिलेंडरों के वितरण में चिकित्सालयों और छात्रावासों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि आवश्यक सेवाओं में कोई बाधा न आए। गैस आपूर्ति कंपनियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि जनपद की गैस एजेंसियों को समय पर गैस की आपूर्ति की जाए।
