गांधी नगर में बैसाखी और डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती का भव्य आयोजन
गांधी नगर में धूमधाम से मनाया गया बैसाखी और अंबेडकर जयंती
गांधी नगर: 13 अप्रैल 2026 को, डीएवी स्कूल गांधी नगर में बैसाखी पर्व और डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम हिंदू शिक्षा समिति द्वारा संचालित विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान से संबद्ध डीएवी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 1 में बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सरदार इंद्रजीत सिंह, जिला संचालक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद, रामकरण ने भीमराव अंबेडकर जी के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अंबेडकर जी का जन्म मध्य प्रदेश के महू में हुआ था और उनका परिवार महार जाति से था, जिसे 'अछूत' माना जाता था। उन्होंने भेदभाव का सामना करते हुए शिक्षा प्राप्त की और अमेरिका तथा लंदन में उच्च शिक्षा हासिल की। अंबेडकर जी ने दलितों के अधिकारों के लिए 'मूकनायक' पत्रिका निकाली और 'बहिष्कृत हितकारिणी सभा' की स्थापना की।
उन्होंने छुआछूत के खिलाफ और समानता के लिए संघर्ष किया। अंबेडकर जी का नाम 'राम' उनके पिता के नाम से जुड़ा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके नाम में 'रामजी' को शामिल करने का निर्णय लिया, जिससे वे अब 'डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर' कहलाते हैं। उनका प्रसिद्ध कथन 'शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो' वंचित वर्गों के लिए प्रेरणा है।
अंबेडकर जी ने महिलाओं की शिक्षा और उनके सशक्तिकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा था कि 'मैं किसी समुदाय की प्रगति का आकलन महिलाओं की प्रगति से करता हूं'। भारतीय संविधान के निर्माता के रूप में, उन्होंने सभी नागरिकों के लिए समान अवसर सुनिश्चित किए।
इसके बाद, आचार्य नरेश चौहान ने एक सुंदर गीत प्रस्तुत किया। सरदार इंद्रजीत सिंह ने बैसाखी पर्व के महत्व पर छात्रों को जानकारी दी। बैसाखी मुख्य रूप से रबी की फसल की कटाई का उत्सव है, जो सिख समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है। यह त्यौहार 13 या 14 अप्रैल को मनाया जाता है और गुरु गोविंद सिंह जी द्वारा खालसा पंथ की स्थापना की याद में मनाया जाता है।
बैसाखी का दिन सिख धर्म में साहस, सेवा और एकता का प्रतीक है। इस दिन किसान नई फसल की कटाई की खुशी में प्रकृति को धन्यवाद देते हैं। बैसाखी को सिख नव वर्ष के रूप में भी मनाया जाता है, जो उत्साह और नई आशाओं का संचार करता है।
इस अवसर पर, विद्यालय के प्रबंधक श्री गिजेश कुमार रूस्तगी ने छात्रों को राष्ट्र के प्रति समर्पण का महत्व बताया। उन्होंने अंबेडकर जी की शिक्षाओं को याद करते हुए छात्रों को प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन आचार्य गजराज ने किया।
