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चैत्र पूर्णिमा: मां लक्ष्मी के आगमन के लिए करें ये 3 विशेष कार्य

चैत्र पूर्णिमा का दिन विशेष धार्मिक महत्व रखता है, जिसमें भगवान राम के भक्त हनुमान जी का जन्म हुआ था। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। जानें इस दिन के महत्व और रात में किए जाने वाले विशेष कार्य, जो घर में सुख और समृद्धि लाने में मदद करते हैं। इस साल चैत्र पूर्णिमा 02 अप्रैल को मनाई जाएगी।
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चैत्र पूर्णिमा: मां लक्ष्मी के आगमन के लिए करें ये 3 विशेष कार्य

चैत्र पूर्णिमा का महत्व


चैत्र पूर्णिमा के दिन भगवान राम के भक्त हनुमान जी का जन्म हुआ था। साल में 12 पूर्णिमा होती हैं, और हर एक का अपना विशेष महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। हनुमान जयंती के कारण इस दिन की पूजा विधि और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।


पूर्णिमा के दिन स्नान और दान का विशेष महत्व है। प्राचीन समय से इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और दान देने की परंपरा रही है। चैत्र पूर्णिमा पर कुछ विशेष कार्य भी किए जाते हैं, जिन्हें रात में करने से घर में सुख और समृद्धि बढ़ती है।


चैत्र पूर्णिमा कब है?

दृक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष चैत्र पूर्णिमा 01 अप्रैल, बुधवार को सुबह 07:06 बजे शुरू होगी और 02 अप्रैल, गुरुवार को सुबह 07:41 बजे समाप्त होगी। इसलिए, उदया तिथि के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा 02 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस दिन हनुमान जयंती भी मनाई जाएगी।


चैत्र पूर्णिमा की रात करें ये कार्य


  • ईशान कोण में दीपक जलाएं: इस दिन प्रदोष काल में मां लक्ष्मी की पूजा करें और उत्तर-पूर्व दिशा में दीपक जलाएं। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।

  • श्रीसूक्त का पाठ करें: माता लक्ष्मी के सामने दीपक जलाकर श्रीसूक्त का पाठ करें।

  • चंद्र देव को अर्घ्य दें: पूर्णिमा की रात कच्चे दूध, चीनी और चावल को मिलाकर चंद्र देव को अर्घ्य चढ़ाएं।