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पंजाब में जल संकट के समाधान के लिए 1487 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित

पंजाब के जल आपूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने हाल ही में प्रस्तुत बजट को प्रगतिशील और जनहित में बताया है। इस बजट में 1487 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे 1230 गांवों में जल संकट का समाधान किया जाएगा। इसके अलावा, यूरेनियम प्रभावित क्षेत्रों में भी जल परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। मंत्री ने ‘नल जल मित्र’ अभियान और ‘ईज़ी जमाबंदी’ पहल के बारे में भी जानकारी दी, जो पारदर्शिता और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देंगे। जानें इस बजट के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
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पंजाब में जल संकट के समाधान के लिए 1487 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित

प्रगतिशील बजट से सार्वजनिक सेवाओं में सुधार

लोकहित और प्रगति के लिए बजट का महत्व: मुंडियां


श्री आनंदपुर साहिब में नया प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स बनेगा


चंडीगढ़: पंजाब के जल आपूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा द्वारा प्रस्तुत बजट को दूरदर्शी और जनहित में बताया। उन्होंने कहा कि इस बजट के माध्यम से पीने के पानी के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और राज्य में पारदर्शी शासन को बढ़ावा मिलेगा।


जल आपूर्ति और स्वच्छता विभाग की योजनाओं का जिक्र करते हुए मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1487 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है, जिससे पंजाब में लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।


उन्होंने बताया कि सरकार 11 प्रमुख नहरी जल परियोजनाओं को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिससे 1230 गांवों को साफ पेयजल मिल सकेगा। ये परियोजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की गुणवत्ता से संबंधित समस्याओं का समाधान करेंगी।


हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि 125 बस्तियों में पेयजल व्यवस्था को सुधारने के लिए कार्य किए जाएंगे। इसके अलावा, दूषित पानी की समस्याओं से निपटने के लिए 88 यूरेनियम-प्रभावित क्षेत्रों में नए जल परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।


मंत्री ने बताया कि सरकार ‘नल जल मित्र’ अभियान शुरू करेगी, जिसके तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक प्रशिक्षित व्यक्ति ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणालियों के संचालन में मदद करेगा। इससे सामुदायिक भागीदारी बढ़ेगी और स्वच्छ पानी की उपलब्धता में सुधार होगा।


राजस्व और पुनर्वास विभाग के बजट प्रस्तावों का स्वागत करते हुए मंत्री ने कहा कि साहिब श्री गुरु तेग़ बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस की स्मृति में श्री आनंदपुर साहिब में एक नया प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स स्थापित किया जाएगा। यह कॉम्प्लेक्स पारंपरिक विरासत शैली में डिज़ाइन किया जाएगा, जिससे सरकारी कार्यालयों को एक ही परिसर में लाया जा सकेगा।


हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि सरकार ने भूमि और संपत्ति से जुड़ी सेवाओं को पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है, जहां ‘ईज़ी जमाबंदी’ पहल शुरू की गई है। इसके तहत लोग ऑनलाइन पोर्टल या व्हाट्सऐप के माध्यम से भूमि रिकॉर्ड तक पहुंच सकते हैं।


मंत्री ने कहा कि ‘ईज़ी रजिस्ट्री’ परियोजना के तहत रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है। अब तक 6.17 लाख दस्तावेज़ पंजीकृत किए जा चुके हैं।


आपदा प्रबंधन के प्रयासों का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष आई बाढ़ के दौरान सरकार ने त्वरित कार्रवाई की। वित्तीय वर्ष 2025-26 में राहत कार्यों के लिए 1010 करोड़ रुपये जारी किए गए।


उन्होंने बताया कि पंजाब ने भारत का पहला पूर्ण ‘डिजिटल फ्लड रिलीफ सिस्टम’ शुरू किया है, जिससे राहत राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ऑनलाइन स्थानांतरित की जा रही है। इससे राहत प्रक्रिया में देरी कम हुई है।