Newzfatafatlogo

पंजाब में बिजली दरों में कटौती: घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत

पंजाब सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में कटौती की है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 1.5 रुपये, व्यावसायिक उपभोक्ताओं को 79 पैसे और औद्योगिक इकाइयों को 74 पैसे की राहत मिलेगी। इस निर्णय से न केवल उपभोक्ताओं को लाभ होगा, बल्कि एम.एस.एम.ई. को भी मजबूती मिलेगी। मंत्री संजीव अरोड़ा ने इसे जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। इसके अलावा, मुफ्त बिजली योजना के तहत 300 यूनिट तक की खपत करने वाले घरों को पूरी तरह मुफ्त बिजली दी जाएगी।
 | 
पंजाब में बिजली दरों में कटौती: घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत

पंजाब में बिजली दरों में कमी

चंडीगढ़- पंजाब सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में कटौती की है। इस कदम से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए दरें प्रति यूनिट 1.5 रुपये, व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए 79 पैसे और औद्योगिक इकाइयों के लिए 74 पैसे तक कम की गई हैं।


पंजाब राज्य बिजली नियामक आयोग द्वारा जारी किया गया नया टैरिफ आदेश 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2027 तक लागू रहेगा। इस आदेश की अध्यक्षता विश्वजीत खन्ना ने की, जिसमें अन्य सदस्य भी शामिल थे।


बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने इसे जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और एम.एस.एम.ई. को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि ई.वी. चार्जिंग टैरिफ को 5 रुपये प्रति यूनिट तक कम किया गया है, जो देश में सबसे कम है।


संशोधित टैरिफ ढांचे से उपभोक्ताओं को किफायती दरों पर बिजली मिलेगी। घरेलू उपभोक्ताओं को खपत स्लैब के आधार पर राहत मिलेगी, जबकि व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को भी लाभ होगा।


मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार की मुफ्त बिजली योजना के तहत 300 यूनिट तक की खपत करने वाले घरों को पूरी तरह मुफ्त बिजली दी जा रही है। 90 प्रतिशत से अधिक परिवार इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।


इसके अलावा, फिक्स्ड चार्ज में भी कमी की गई है। 2 से 7 किलोवाट लोड वाले घरों के लिए फिक्स्ड चार्ज 5 रुपये प्रति किलोवाट और 7 से 20 किलोवाट लोड वाले घरों के लिए 10 रुपये प्रति किलोवाट घटा दिया गया है।


व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए भी टैरिफ में कमी की गई है, जिससे उन्हें 500 यूनिट तक की खपत पर 0.79 रुपये प्रति यूनिट की राहत मिलेगी।


पीएसपीसीएल ने संचालन दक्षता और वित्तीय प्रदर्शन को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत वितरण घाटे को 20 प्रतिशत तक कम करने और नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण को बढ़ाने की योजना है।


मंत्री ने कहा कि यह कदम पंजाब में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।


एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत, वकीलों के चैंबरों में बिजली कनेक्शन अब घरेलू टैरिफ के तहत लिए जाएंगे।


टैरिफ आदेश में बताया गया है कि बिजली क्षेत्र में संचालन दक्षताओं ने 7851.91 करोड़ रुपये की उपभोक्ता राहत को संभव बनाया है।


पंजाब में बिजली आपूर्ति की औसत लागत में भी कमी आई है, जो पिछले साल के 7.15 रुपये प्रति यूनिट से घटकर 6.15 रुपये प्रति यूनिट हो गई है।


ईवी चार्जिंग स्टेशनों के लिए बिजली दर को 5 रुपये प्रति यूनिट घटाकर स्वच्छ गतिशीलता को बढ़ावा दिया गया है।


इसके अलावा, छोटे बिजली श्रेणी के लिए लागू सीमा को 20 किलोवाट से 50 किलोवाट तक बढ़ाने जैसे कई उपभोक्ता-अनुकूल उपाय पेश किए गए हैं।