प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों की निंदा की
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर चिंता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के दौरान ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हो रहे मिसाइल हमलों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस मुद्दे पर पांच देशों के नेताओं से फोन पर बातचीत की और संकट को बातचीत के माध्यम से सुलझाने का आग्रह किया।
ऊर्जा कीमतों में वृद्धि का खतरा
ऊर्जा ठिकानों पर हमलों के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की कीमतों में वृद्धि का खतरा उत्पन्न हो गया है। इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र सहित कई ठिकानों पर हमले किए हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ गई है। प्रतिशोध में, ईरान ने कुवैत और कतर के गैस और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले किए हैं, जिससे पूरी दुनिया में चिंता बढ़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ऊर्जा ठिकानों को निशाना न बनाने की बात कही है और यह भी कहा कि उन्हें ईरान के गैस क्षेत्र पर हमले की जानकारी नहीं थी।
संवाद और कूटनीति की आवश्यकता
पीएम मोदी ने फ्रांस, ओमान, कतर, जॉर्डन और मलेशिया के नेताओं से फोन पर बातचीत की और ईरान युद्ध में ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाने की कड़ी निंदा की। उन्होंने पश्चिम एशिया में सुरक्षा, शांति और स्थिरता को बहाल करने के लिए संवाद और कूटनीति की पहल का आग्रह किया। पीएम मोदी और पांच देशों के नेताओं के बीच वैश्विक ऊर्जा संकट को हल करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।
भारत का समर्थन
पीएम मोदी ने कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी से कहा कि संकट के समय भारत कतर के साथ खड़ा है और नई दिल्ली क्षेत्र में ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने कतर में भारतीय समुदाय के समर्थन के लिए अमीर तमीम का आभार व्यक्त किया। इसके अलावा, उन्होंने जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय के साथ भी पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा की और ऊर्जा ठिकानों पर हमलों की निंदा की।
