विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम: ग्रामीण विकास की नई दिशा
नया कानून: रोजगार और सामाजिक सुरक्षा का आधार
- राजेंद्र चौधरी: नया कानून पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देता है
- अंबाला में विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 पर चर्चा
- डीसी अजय तोमर: यह कानून अवसंरचना-केंद्रित ढांचे को मजबूत करता है
Ambala News | आज समाज नेटवर्क । अंबाला। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अपर महानिदेशक (ग्रामीण विकास) राजेंद्र चौधरी ने कहा कि 'विकसित भारत-जी राम जी' कानून, विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण में सहायक होगा।
अंबाला में आयोजित इस वार्तालाप में, चौधरी ने इस महत्वाकांक्षी पहल के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह कानून रोजगार सृजन, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और गांवों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए एक ठोस प्रयास है।
उन्होंने कहा कि पहले की व्यवस्था में मनरेगा के तहत 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी, लेकिन कई स्थानों पर समय पर काम और मजदूरी का भुगतान नहीं हो पाता था। इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने 'विकसित भारत - जी राम जी' कानून के माध्यम से सुधार किए हैं।
रोजगार गारंटी में वृद्धि
चौधरी ने बताया कि नए कानून के तहत रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। यदि निर्धारित अवधि में काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। इसके अलावा, यदि मजदूरी के भुगतान में 15 दिनों से अधिक की देरी होती है, तो उस पर ब्याज भी दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाया गया है, और अब गांव की सभाएं तय करेंगी कि उनके गांव में कौन-से विकास कार्य कराए जाएं। विकास से संबंधित निर्णय अब गांव स्तर पर ही लिए जाएंगे।
चौधरी ने कहा कि विकसित भारत-रोजगार गारंटी और आजीविका मिशन (ग्रामीण) कानून, 2025, भारत की ग्रामीण रोजगार नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है। यह कानून एक आधुनिक, जवाबदेह और अवसंरचना-केंद्रित ढांचे को मजबूत करता है।
125 दिनों की रोजगार गारंटी का महत्व
इस अवसर पर अंबाला के उपायुक्त अजय तोमर ने कहा कि नया कानून पिछले सुधारों पर आधारित है और यह रोजगार की गारंटी को बढ़ाकर ग्रामीण विकास को सशक्त बनाता है। उन्होंने कहा कि यह कानून ग्रामीण रोजगार को सतत विकास और उचित आजीविका के लिए एक रणनीतिक साधन के रूप में स्थापित करता है।
तोमर ने बताया कि 125 दिनों की रोजगार गारंटी घरेलू आय को बढ़ाती है और ग्राम स्तर की खपत को प्रोत्साहित करती है। उन्होंने मीडिया से अपील की कि इस कानून के बारे में लोगों को जागरूक करें और यदि कोई भ्रांति फैलाता है तो तथ्यों पर आधारित उत्तर दें।
इससे पहले, पीआईबी चंडीगढ़ के मीडिया एवं संचार अधिकारी अहमद खान ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम मीडिया और सरकार के बीच सेतु का काम करता है।
ग्रामीण विकास में मीडिया की भूमिका
इस अवसर पर जिला परिषद के सीईओ गगनदीप सिंह ने भी कानून के तहत महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस कानून के लागू होने से किसान और मजदूर दोनों को लाभ होगा।
अंबाला के संपर्क अधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि ग्रामीण विकास में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने मीडिया कर्मियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों का धन्यवाद किया।
