शशांकासन: तनाव और पीठ दर्द से राहत का सरल उपाय
शशांकासन का परिचय
आजकल ऑफिस में लंबे समय तक बैठने के कारण पीठ दर्द और मानसिक तनाव एक आम समस्या बन गई है। हालांकि, इसे दूर करना असंभव नहीं है। योगासन, विशेषकर शशांकासन, शरीर को स्वस्थ और संतुलित रखने का एक सरल और प्रभावी तरीका है।
शशांकासन के लाभ
शशांकासन, जिसे खरगोश मुद्रा भी कहा जाता है, के नियमित अभ्यास से न केवल पीठ दर्द में राहत मिलती है, बल्कि यह तनाव को भी कम करता है। यह आसन पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और मन को शांति प्रदान करता है। रोजाना कुछ मिनटों का अभ्यास तन-मन को तरोताजा करने में मदद करता है।
सरकारी सलाह और विशेषज्ञों की राय
भारत सरकार का आयुष मंत्रालय शशांकासन को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की सिफारिश करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह आसन तनाव कम करने, शरीर को डिटॉक्स करने और थकी हुई पीठ को आराम देने में विशेष रूप से सहायक है।
शशांकासन का अभ्यास कैसे करें
इस आसन का अभ्यास करना बहुत आसान है। सबसे पहले, वज्रासन में बैठें और घुटनों को मोड़कर एड़ियों पर नितंब रखें। फिर, दोनों हाथों को घुटनों पर रखकर गहरी सांस लें। सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें, सिर को जमीन पर टिकाएं और हाथों को आगे की ओर फैलाएं। इस स्थिति में कुछ समय रुकें और सामान्य तरीके से सांस लें। फिर धीरे-धीरे वापस वज्रासन में आएं। रोजाना 5 से 10 मिनट का अभ्यास बेहद फायदेमंद है।
शशांकासन के अन्य लाभ
इस आसन के नियमित अभ्यास से तनाव और चिंता में कमी आती है। आगे झुकने से मन शांत होता है और मानसिक थकान दूर होती है। यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, कब्ज से राहत दिलाता है और आंतों की सफाई करता है। इसके अलावा, यह रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और पीठ दर्द में राहत प्रदान करता है।
सावधानियाँ
हालांकि, शशांकासन का अभ्यास करते समय कुछ सावधानियाँ बरतनी चाहिए। उच्च रक्तचाप वाले व्यक्तियों को इसे नहीं करना चाहिए, क्योंकि आगे झुकने से सिर में दबाव बढ़ सकता है। घुटनों में चोट, स्लिप डिस्क या गंभीर पीठ दर्द वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह के बिना इसे नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को भी इस आसन से बचना चाहिए।
अभ्यास के दौरान ध्यान देने योग्य बातें
यदि गर्दन या कंधे में चोट है, चक्कर आने की समस्या है या हाल ही में पेट का ऑपरेशन हुआ है, तो इसे टालें। हमेशा खाली पेट अभ्यास करें और यदि कोई असुविधा महसूस हो तो तुरंत रुक जाएं। शुरुआत में योग प्रशिक्षक की देखरेख में सीखना बेहतर है।
