संतान सुख के लिए रविवार का व्रत: जानें विशेष उपाय और महत्व
सूर्य देव की पूजा का महत्व
सनातन धर्म के अनुसार, सूर्य देवता को प्रमुख देवताओं में सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। उनके आगमन से पहले, सम्पूर्ण जगत अंधकार में था। धार्मिक ग्रंथों में सूर्य भगवान से संबंधित कई व्रत और त्योहारों का उल्लेख किया गया है। रविवार का दिन विशेष रूप से सूर्य देव को समर्पित है, जब उनकी पूजा और व्रत का पालन किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन की पूजा से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और आरोग्यता तथा जीवन में सफलता का आशीर्वाद देते हैं। उनकी कृपा से व्यक्ति बीमारियों से मुक्त होकर सुखी जीवन जी सकता है।
संतान सुख के लिए विशेष उपाय
रविवार को पूजा-पाठ और व्रत के साथ-साथ संतान सुख की प्राप्ति के लिए कुछ खास उपाय भी किए जाते हैं। इन उपायों को करने से घर में खुशियों का आगमन होता है।
सूर्य देव की पूजा करें: रविवार को सुबह विधिपूर्वक सूर्य देव की पूजा करें और उन्हें जल में गुड़ और लाल फूल मिलाकर अर्घ्य अर्पित करें।
सूर्य देव के मंत्र का जाप करें: सूर्य देव के मंत्र 'ॐ आदित्याय नमः' का 108 बार जाप करें।
दान करें: रविवार को तांबे की वस्तुएं, गुड़ या लाल कपड़े का दान अवश्य करें।
लाल गाय को गुड़ और रोटी खिलाएं: रविवार को लाल गाय को गुड़ और रोटी खिलाने से संतान सुख में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।
व्रत रखें: संतान की इच्छा के लिए रविवार का व्रत रखें और शाम को केवल सात्विक भोजन ग्रहण करें।
रविवार के व्रत का महत्व
स्कंद और नारद पुराण में रविवार व्रत का उल्लेख मिलता है। इसमें बताया गया है कि जिनकी कुंडली में सूर्य कमजोर है, उन्हें विशेष रूप से रविवार का व्रत रखना चाहिए। इस व्रत की शुरुआत किसी भी मास के शुक्ल पक्ष के पहले रविवार से की जा सकती है। 12 रविवार व्रत और विधिपूर्वक पूजा कर उद्यापन करें।
