सकट चौथ व्रत: महत्व, पूजा विधि और सामग्री
सकट चौथ व्रत का परिचय
सकट चौथ व्रत माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत विशेष रूप से संतानों की लंबी उम्र, स्वास्थ्य और परिवार की समृद्धि के लिए किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान गणेश और सकट माता की विधिपूर्वक पूजा करने से जीवन में आने वाले संकट दूर होते हैं।
सकट चौथ व्रत का महत्व
शास्त्रों में इसे संकष्टी चतुर्थी भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन माता पार्वती ने अपने पुत्र गणेश की रक्षा के लिए व्रत किया था। इस परंपरा के अनुसार माताएं और महिलाएं संतान सुख के लिए यह व्रत करती हैं। धार्मिक विद्वानों का मानना है कि यह व्रत गृहस्थ जीवन में बाधाओं को कम करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है।
पूजा सामग्री
पूजा से पहले सभी आवश्यक सामग्री एकत्र करना शुभ माना जाता है।
- गणेश जी की मूर्ति या चित्र
- लाल या पीला कपड़ा और चौकी
- पीले और लाल फूल
- दूर्वा की 21 गांठ
- शमी के पत्ते
- तिल और गुड़ के लड्डू
- मोदक और मौसमी फल
- चंदन, सिंदूर, रोली, अक्षत, हल्दी
- जनेऊ, सुपारी, पान का पत्ता
- घी का दीपक और धूप
- गंगाजल और कलश
- चंद्र अर्घ्य के लिए कच्चा दूध, सफेद तिल, चीनी, फूल
- सकट चौथ व्रत कथा की पुस्तक
- शकरकंद और तिल या चावल से बना प्रतीकात्मक बकरा
दिन में पूजा विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। पीले या लाल वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। पूजा स्थान को साफ करें और चौकी पर कपड़ा बिछाएं। गणेश जी की स्थापना करें और गंगाजल से स्थान को पवित्र करें।
पूजा क्रम
- हाथ में अक्षत और फूल लेकर व्रत का संकल्प लें।
- गणेश जी को दूर्वा, शमी पत्र, चंदन और फूल अर्पित करें।
- तिल गुड़ के लड्डू, मोदक, फल और शकरकंद का भोग लगाएं।
- घी का दीपक जलाकर धूप दिखाएं।
- ओम गं गणपतये नमः मंत्र का जाप करें।
- गणेश चालीसा या अथर्वशीर्ष का पाठ करें।
- व्रत कथा का पाठ या श्रवण करें।
पूजा के बाद बच्चों से प्रतीकात्मक बकरे का स्पर्श करवाकर प्रसाद वितरित करें।
रात में पूजा विधि
सकट चौथ की मुख्य पूजा चंद्र दर्शन के साथ होती है। शाम को पुनः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। चंद्रोदय होने पर जल में गंगाजल, दूध, सफेद तिल, अक्षत और फूल मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें।
- दीप और धूप अर्पित करें।
- चंद्रमा की तीन बार परिक्रमा करें।
- गणेश जी की पुनः आरती करें।
- व्रत कथा दोहराएं।
- प्रसाद ग्रहण कर व्रत का पारण करें।
सकट चौथ पर ध्यान देने योग्य बातें
- सकट माता की पूजा अनिवार्य रूप से करें।
- माता पार्वती का स्मरण करें।
- तामसिक भोजन से परहेज रखें।
- क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
धर्माचार्यों के अनुसार इस दिन तिल गुड़ की मिठाई या गर्म वस्त्र दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
