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स्टीफन हॉकिंग की नई तस्वीर ने उठाई विवाद की लहर

कुख्यात वित्त कारोबारी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों के नए सेट में स्टीफन हॉकिंग की एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें वे दो महिलाओं के बीच दिखाई दे रहे हैं। इस तस्वीर ने विवाद को जन्म दिया है, जिसके बाद हॉकिंग के परिवार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। जानें इस तस्वीर के पीछे की कहानी और हॉकिंग के योगदान के बारे में।
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स्टीफन हॉकिंग की नई तस्वीर ने उठाई विवाद की लहर

नई तस्वीर से बढ़ी चर्चाएं

नई दिल्ली - कुख्यात वित्तीय कारोबारी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों के एक नए सेट के सार्वजनिक होने के बाद अमेरिका सहित कई देशों में चर्चा का माहौल गरम हो गया है। इनमें से एक तस्वीर ने नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिसमें विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग दो महिलाओं के बीच दिखाई दे रहे हैं।


तस्वीर का विवरण

इस तस्वीर में दोनों महिलाएं काले रंग की बिकिनी पहने हुए हैं और उनके चेहरे ढंके हुए हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह फोटो कब और कहां खींची गई थी, लेकिन सोशल मीडिया पर इसके वायरल होने के बाद अटकलें तेज हो गई हैं। हॉकिंग के परिवार ने एक बयान जारी कर कहा कि प्रोफेसर हॉकिंग ने 20वीं सदी में भौतिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया और वे मोटर न्यूरॉन बीमारी से लंबे समय तक जूझते रहे। बयान में यह भी कहा गया कि उनकी शारीरिक स्थिति को देखते हुए किसी भी अनुचित आचरण का आरोप लगाना निराधार और भ्रामक है। हॉकिंग का 2018 में 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया था।


2006 की कॉन्फ्रेंस का संदर्भ

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मार्च 2006 में हॉकिंग उन वैज्ञानिकों के समूह का हिस्सा थे जिन्होंने एपस्टीन द्वारा प्रायोजित एक कॉन्फ्रेंस में भाग लिया था। यह कार्यक्रम कैरिबियन के सेंट थॉमस द्वीप पर आयोजित हुआ था, जो एपस्टीन के निजी द्वीप के निकट स्थित है। उस समय तक एपस्टीन पर लगे गंभीर आरोप सार्वजनिक नहीं हुए थे।


पुराने आरोपों का उल्लेख

एपस्टीन से संबंधित अदालती फाइलों में पहले भी हॉकिंग का नाम आया था, जब वर्जिनिया गिफ्रे ने दावा किया था कि उन्होंने वर्जिन आइलैंड्स में एक कथित पार्टी में भाग लिया था। हालांकि, हॉकिंग पर कभी भी आधिकारिक रूप से किसी आपराधिक कृत्य का आरोप नहीं लगाया गया।


निष्कर्ष

गौरतलब है कि 2019 में जेल में एपस्टीन की मौत से पहले उन पर कई गंभीर आरोप लंबित थे। हालिया दस्तावेजों के सामने आने के बाद एक बार फिर हाई-प्रोफाइल नामों को लेकर बहस छिड़ गई है, लेकिन किसी भी दावे की पुष्टि के लिए आधिकारिक जांच और न्यायिक निष्कर्ष का इंतजार किया जा रहा है।