हनुमान जन्मोत्सव 2026: पूजा विधि और महत्व
हनुमान जन्मोत्सव 2026 का आयोजन 2 अप्रैल को होगा। इस दिन हनुमान जी की पूजा विधि, उनके जन्म का महत्व और राशि अनुसार मंत्रों की जानकारी प्राप्त करें। जानें कैसे हनुमान जी की पूजा से जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त की जा सकती है।
| Apr 2, 2026, 12:14 IST
हनुमान जन्मोत्सव का महत्व
हर वर्ष चैत्र माह की पूर्णिमा को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन संकटमोचन हनुमान जी का अवतरण हुआ था, इसलिए इसे विशेष रूप से मनाया जाता है। इस वर्ष, हनुमान जन्मोत्सव 2 अप्रैल 2026 को होगा। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा की तिथि 1 अप्रैल को सुबह 7:08 बजे से शुरू होकर 2 अप्रैल को सुबह 7:41 बजे तक रहेगी। शास्त्रों में उदया तिथि की महत्ता को देखते हुए, हनुमान जयंती का उत्सव 2 अप्रैल को मनाया जाएगा।
हनुमान जी का जन्म और पूजा
ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि हनुमान जी का जन्म मंगलवार को हुआ था, इसलिए हर मंगलवार को उनकी विशेष पूजा की जाती है। इसके अलावा, शनिवार भी हनुमान जी को प्रिय है। त्रेता युग में इस तिथि पर हनुमान जी का जन्म हुआ था। उनके माता-पिता केसरी और अंजनी थे। हनुमान जी महादेव के रुद्र अवतार माने जाते हैं और उन्हें अलौकिक शक्तियों का दाता माना जाता है।
हनुमान जी के नाम और पूजा विधि
हनुमान जी के 12 नामों का जाप करने से सभी बिगड़े काम बन जाते हैं। इनमें शामिल हैं: ॐ हनुमान, ॐ अंजनी सुत, ॐ वायु पुत्र, और अन्य। पूजा विधि में ब्रह्म मुहूर्त में उठकर घर की सफाई करना, हनुमान जी को सिंदूर और चोला अर्पित करना, और विशेष पान का बीड़ा चढ़ाना शामिल है। हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और हनुमान आरती का पाठ भी करना चाहिए।
राशि अनुसार मंत्र
भविष्यवक्ता डा. अनीष व्यास ने बताया कि राशि अनुसार हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए विशेष मंत्र हैं। जैसे मेष राशि के लिए: ॐ सर्वदुखहराय नम:, वृषभ राशि के लिए: ॐ कपिसेनानायक नम:, और अन्य राशियों के लिए भी मंत्र दिए गए हैं।
