हरियाणा में जल संकट से निपटने के लिए नई नीति लागू
मुख्यमंत्री का सख्त निर्णय
चंडीगढ़, 06 अप्रैल। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते जल संकट को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब प्रदेश के गांवों में भी हर घर के नल पर मीटर लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा, जैसा कि शहरों में किया गया है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाईन ने इस संबंध में नई 'संचालन एवं रख-रखाव नीति' की अधिसूचना जारी की है। प्रदेश के 14 जिलों के लगभग 1500 गांवों में भूजल स्तर चिंताजनक रूप से गिर चुका है, जिसके चलते 14 साल पुरानी नीति में यह बदलाव किया गया है।
कड़े नियम और जुर्माना
नई नीति के अनुसार, पानी की चोरी और बर्बादी को रोकने के लिए सख्त प्रावधान किए गए हैं। यदि कोई ग्रामीण जानबूझकर मीटर को नुकसान पहुंचाता है, तो उसे नए मीटर की कीमत के साथ-साथ भारी जुर्माना भी चुकाना होगा। इसके अलावा, अवैध कनेक्शन लेने वालों के खिलाफ विभाग कार्रवाई करेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल वे घर जो नियमों का पालन करेंगे, उन्हें निर्बाध जल आपूर्ति मिलेगी। विभाग उन नलों की पहचान कर रहा है जिनमें टोटियां नहीं लगी हैं, ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके।
पंचायतों को मिलेगा अतिरिक्त फंड
यह नई व्यवस्था एकल ग्राम पंचायतों में 1 अप्रैल से लागू हो गई है, जबकि बहु-ग्राम और महाग्राम पंचायतों में इसे 1 अप्रैल 2027 से लागू किया जाएगा। खास बात यह है कि गांवों में जल प्रबंधन के लिए ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों का गठन किया जाएगा, जो पीपीपी (PPP) मॉडल पर कार्य करेंगी। ग्रामीणों से एकत्रित पानी के बिल की राशि पर प्रदेश सरकार पंचायत को समान राशि की मैचिंग ग्रांट देगी, जिसका उपयोग गांव में पानी की लाइनों की मरम्मत और रखरखाव के लिए किया जाएगा।
छोटी ढाणियों को भी मिलेगा जल
केंद्र सरकार की 'हर घर नल से जल' योजना का विस्तार करते हुए हरियाणा सरकार ने ढाणियों के लिए पुराने नियमों में ढील दी है। पहले केवल उन ढाणियों में सरकारी पाइपलाइन पहुंचती थी जहां कम से कम 20 परिवार या 100 लोग रहते थे। अब इस शर्त को समाप्त कर दिया गया है, जिससे 20 से कम परिवार वाली छोटी ढाणियों में भी नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाना संभव होगा। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले कुछ महीनों में प्रदेश का कोई भी घर या ढाणी पेयजल आपूर्ति से अछूता न रहे।
