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हरियाणा सरकार का डिजिटल शिक्षा में बड़ा कदम: छात्रों को मिलेंगे टैबलेट और डेटा

हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत, छात्रों को टैबलेट और मुफ्त डेटा प्रदान किया जाएगा, जिससे वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें। इसके साथ ही, सुरक्षा सॉफ्टवेयर के माध्यम से टैबलेट का दुरुपयोग रोकने के उपाय भी किए गए हैं। जानें इस पहल के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
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हरियाणा सरकार का डिजिटल शिक्षा में बड़ा कदम: छात्रों को मिलेंगे टैबलेट और डेटा

हरियाणा में डिजिटल शिक्षा का नया अध्याय

चंडीगढ़, 30 अप्रैल। हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने सरकारी स्कूलों के छात्रों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कार्यकाल में शुरू की गई 'ई-अधिगम योजना' के तहत खरीदे गए 5 लाख टैबलेट, जो पिछले सत्र में लगभग अनुपयोगी हो गए थे, अब नए रूप में छात्रों को प्रदान किए जाएंगे। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में एक विस्तृत योजना तैयार कर मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दी है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य 10वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों को आधुनिक शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराना है, ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी घर पर ही कर सकें।


सिम कार्ड और डेटा की नई व्यवस्था

सिम कार्ड और 1 GB डेटा का नया टेंडर


नई व्यवस्था के तहत, सरकार केवल टैबलेट ही नहीं, बल्कि उनके संचालन के लिए इंटरनेट की सुविधा भी उपलब्ध कराएगी। शिक्षा विभाग जल्द ही टेलीकॉम कंपनियों से टेंडर मांगेगा ताकि छात्रों को सिम कार्ड प्रदान किए जा सकें। प्रत्येक योग्य छात्र को हर महीने 1 GB डेटा मुफ्त मिलेगा। इसके अलावा, जिन टैबलेट में तकनीकी खराबी आई है, उनकी मरम्मत के लिए एक अलग कंपनी का चयन किया जाएगा। विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि जो छात्र स्कूल छोड़ चुके हैं या फेल हो गए हैं, उनसे टैबलेट वापस लेकर नए शैक्षणिक सत्र के छात्रों को आवंटित किए जाएंगे।


शिक्षा पर ध्यान केंद्रित

सिर्फ पढ़ाई, मनोरंजन नहीं


अभिभावकों की सबसे बड़ी चिंता टैबलेट के दुरुपयोग को लेकर थी, जिसका समाधान सरकार ने नए 'सुरक्षा सॉफ्टवेयर' के जरिए निकाला है। टैबलेट में अपडेटेड सॉफ्टवेयर डाला जाएगा, जो यह सुनिश्चित करेगा कि छात्र केवल पाठ्यक्रम और शैक्षणिक सामग्री तक ही पहुंच सकें। सोशल मीडिया या अन्य मनोरंजन ऐप्स इस पर नहीं चलेंगे। इस सॉफ्टवेयर के साथ ही पूरा नया सिलेबस (Curriculum) भी टैबलेट में लोड किया जाएगा, जिससे छात्रों को भारी-भरकम किताबों के बोझ से राहत मिलेगी।


सरकारी सर्वे के आधार पर निर्णय

HCS अधिकारियों के सर्वे के बाद लिया फैसला


इस योजना को फिर से शुरू करने से पहले सरकार ने जमीनी हकीकत का आकलन किया। आठ एचसीएस (HCS) अधिकारियों ने राज्य के विभिन्न जिलों के सरकारी स्कूलों का दौरा किया और डिजिटल सुविधाओं की समीक्षा की। इस दौरान शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों से विस्तार से बात की गई और उनके सुझाव लिए गए। सर्वे रिपोर्ट में सामने आया कि यदि तकनीकी खामियों को दूर कर दिया जाए, तो टैबलेट शिक्षा के स्तर को सुधारने में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। इसी रिपोर्ट के आधार पर सरकार अब 700 करोड़ रुपये के इस निवेश को पूरी तरह प्रभावी बनाने जा रही है।