भारत ने थॉमस कप सेमीफाइनल में जगह बनाई, चीनी ताइपे को हराया
भारत की शानदार जीत
भारत ने चीनी ताइपे को हराकर थॉमस कप फाइनल्स के सेमीफाइनल में प्रवेश किया है। लक्ष्य सेन की शानदार वापसी के साथ-साथ सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की युगल जोड़ी और युवा शटलर आयुष शेट्टी के बेहतरीन प्रदर्शन ने शुक्रवार को भारत को 3-0 से जीत दिलाई। लक्ष्य ने दो मैच पॉइंट बचाते हुए विश्व के छठे नंबर के खिलाड़ी चोउ टिएन चेन को हराकर भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई।
लक्ष्य की जुझारूपन
लक्ष्य इस मैच में अधिकतर समय पीछे चल रहे थे, लेकिन उन्होंने अद्भुत जुझारूपन दिखाया। एक घंटे और 28 मिनट तक चले इस मुकाबले में उन्होंने 18-21, 22-20, 21-17 से जीत हासिल की। इसके बाद, सात्विक और चिराग की युगल जोड़ी ने चियू सियांग चिएह और वांग ची-लिन को एक घंटे और 15 मिनट में 23-21, 19-21, 21-12 से हराकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
आयुष का शानदार प्रदर्शन
हाल ही में बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले 20 वर्षीय आयुष शेट्टी ने दूसरे एकल में विश्व में नंबर आठ और मौजूदा ऑल इंग्लैंड ओपन चैंपियन लिन चुन-यी को 21-16, 21-17 से हराकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया।
भारत का चैंपियन बनने का सफर
थॉमस कप बैडमिंटन की विश्व टीम चैंपियनशिप है। भारत ने 2022 में इसका खिताब जीता था और अब सेमीफाइनल में फ्रांस या जापान में से किसी एक टीम का सामना करेगा। सेमीफाइनल में पहुंचने से भारत का मेडल भी पक्का हो गया है। 2022 में खिताब जीतने के अलावा, भारत ने 1952, 1955 और 1979 में ब्रॉन्ज मेडल भी जीते थे।
लक्ष्य और चोउ का रोमांचक मुकाबला
लक्ष्य और चोउ के बीच मुकाबले से पहले दोनों का रिकॉर्ड 4-4 से बराबरी पर था। इस मैच में लंबी रैलियों और सटीक स्ट्रोकप्ले का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। चोउ ने पहले गेम में 10-15 से पिछड़ने के बाद जीत हासिल की, लेकिन लक्ष्य ने दूसरे गेम में शानदार वापसी की।
सात्विक-चिराग की जोड़ी का प्रदर्शन
सात्विक और चिराग ने शुरुआत में संघर्ष किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने जोरदार वापसी करते हुए स्कोर 18-19 तक पहुंचा दिया और पहला गेम अपने नाम कर लिया। तीसरे गेम में भारतीय जोड़ी ने आक्रामक खेल दिखाते हुए तेजी से 9-3 की बढ़त बनाई और अंततः मैच जीत लिया।
आयुष का आक्रामक खेल
आयुष ने संयमित और आक्रामक प्रदर्शन करते हुए लिन को हराया। पहले गेम में 7-11 से पिछड़ने के बाद, उन्होंने धैर्य का परिचय दिया और लगातार कई विनर्स लगाकर स्कोर को 13-12 कर दिया। आयुष ने दूसरे गेम में भी उसी लय को बनाए रखा और अंततः मैच जीतकर भारतीय खिलाड़ियों को जश्न मनाने का मौका दिया।
