सात्विक-चिराग ने सिंगापुर ओपन में जीता खिताब, खत्म हुआ 2 साल का सूखा
सात्विक और चिराग की शानदार वापसी
भारत के बैडमिंटन खिलाड़ियों सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने दो साल के खिताबी सूखे को समाप्त करते हुए सिंगापुर ओपन का खिताब जीत लिया है। इस जोड़ी ने मेंस डबल्स के फाइनल में इंडोनेशिया के फजर अल्फियन और मुहम्मद शोहिबुल फिकरी को हराया। यह जीत उनके लिए खास रही, क्योंकि उन्होंने पहली बार इस टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया है। एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स के चैंपियन इस जोड़ी के लिए यह BWF वर्ल्ड टूर का नौवां खिताब है।
फाइनल में मिली चुनौती
सात्विक और चिराग ने पहले गेम में पिछड़ने के बाद 18-21, 21-17, 21-16 से जीत हासिल की। यह उनके लिए सुपर 750 लेवल का तीसरा खिताब था। इस जीत के साथ, वे सिंगापुर ओपन में मेंस डबल्स का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। पिछले साल उन्होंने थाईलैंड ओपन जीता था, लेकिन उसके बाद चार फाइनल में पहुंचने के बावजूद जीत नहीं मिली थी।
इंडोनेशियाई जोड़ी के खिलाफ रिकॉर्ड
फाइनल से पहले, भारतीय जोड़ी ने इंडोनेशिया की इस जोड़ी के खिलाफ तीन मुकाबलों में से दो में हार का सामना किया था। उनकी पिछली हार जनवरी में मलेशिया ओपन के क्वार्टर फाइनल में हुई थी। पहले गेम में पिछड़ने के बावजूद, भारतीय जोड़ी ने अपने खेल में सुधार किया और लंबी रैलियों में दबदबा बनाते हुए मुकाबले का रुख पलट दिया।
कड़ा मुकाबला और निर्णायक क्षण
फाइनल मुकाबला भारतीय जोड़ी के लिए आसान नहीं था। धीमी शुरुआत के बाद, उन्होंने लय हासिल की और पहले गेम में 2-5 से पिछड़ने के बाद वापसी की। पहले गेम में कुछ गलतियों के कारण उन्हें हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, दूसरे गेम में उन्होंने आक्रामक खेल दिखाया और 24 मिनट में जीत हासिल की। तीसरे गेम में भी दोनों जोड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला, लेकिन भारतीय जोड़ी ने दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन किया।
जीत का जश्न
तीसरे गेम में, सात्विक के ताकतवर स्मैश ने निर्णायक भूमिका निभाई। भारतीय जोड़ी ने 20-15 पर पहुंचकर पांच मैच प्वाइंट हासिल किए। अंततः, इंडोनेशियाई जोड़ी की गलतियों का फायदा उठाते हुए, सात्विक और चिराग ने यादगार जीत का जश्न मनाया।
