IPL 2026: अंपायरिंग विवाद के चलते श्रेयस अय्यर पर लगा जुर्माना
मैच में अंपायरिंग का ड्रामा
IPL 2026 के एक मुकाबले में अंपायरिंग और तकनीकी प्रक्रियाओं ने खेल की गति को प्रभावित किया। पंजाब किंग्स (PBKS) की गेंदबाजी के दौरान राहुल तेवतिया से जुड़ी दो घटनाओं के कारण खेल लगभग 8 मिनट तक रुका रहा। इस देरी के चलते PBKS अपने निर्धारित ओवर समय पर नहीं कर पाई, जिसके परिणामस्वरूप कप्तान श्रेयस अय्यर पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
क्या कप्तान को जिम्मेदार ठहराना उचित है?
इस जुर्माने के बाद सवाल उठता है कि जब देरी अंपायरिंग और तकनीकी जांच के कारण हुई, तो कप्तान को दोषी ठहराना कितना सही है? यह मैच पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटंस के बीच खेला गया था। इसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने श्रेयस अय्यर पर जुर्माना लगाया।
19वें ओवर में अंपायरिंग का ड्रामा
राहुल तेवतिया से जुड़ी घटना 19वें ओवर में हुई। पहले वाकये में, वॉशिंगटन सुंदर के आउट होने के बाद, तेवतिया क्रीज पर आए, लेकिन अंपायर ने उनका बल्ला जांचने के लिए खेल रोक दिया। IPL में पिछले सीजन से बैट गेज टेस्ट को नियमित प्रक्रिया बना दिया गया है। इस टेस्ट में तेवतिया का बल्ला मानकों पर खरा नहीं उतरा, जिसके बाद अंपायर ने उन्हें नया बल्ला लाने का निर्देश दिया। यह घटना कुछ मिनटों तक खेल को रोकती रही और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
रिव्यू प्रक्रिया में देरी
इसके बाद, 19वें ओवर की पांचवीं गेंद पर विजयकुमार विशाख की गेंद तेवतिया के सिर के ऊपर से निकल गई, जिसे अंपायर ने वाइड करार दिया। PBKS इस फैसले से असंतुष्ट थी और उन्होंने रिव्यू लिया। रिव्यू के दौरान ग्राफिक्स आने में देरी हुई, जिससे प्रक्रिया धीमी हो गई। जब ग्राफिक्स आए, तब असली रिव्यू शुरू हुआ, जो लगभग 5 मिनट तक चला। अंततः, ऑन-फील्ड अंपायर का फैसला बरकरार रहा।
अय्यर पर जुर्माने का कारण
मैच के दौरान PBKS ने निर्धारित समय में अपने ओवर पूरे नहीं किए, जिसके कारण श्रेयस अय्यर पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। IPL की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अय्यर को आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22 के तहत दोषी पाया गया। चूंकि यह PBKS का इस सीजन का पहला अपराध था, इसलिए कप्तान पर न्यूनतम जुर्माना लगाया गया।
जुर्माने पर उठे सवाल
जब ग्राफिक्स की वजह से रिव्यू में देरी हो रही थी, तब हिंदी कमेंट्री में कमेंटेटर ने भी यह बात उठाई कि इससे PBKS की गेंदबाजी तय समय से देर से खत्म हो सकती है, और ऐसा होने पर कप्तान पर जुर्माना लगना तय है। इस प्रकार की घटनाओं को देखते हुए नियमों में बदलाव की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
स्लो ओवर रेट का जुर्माना
IPL में स्लो ओवर रेट का जुर्माना मिनट गिनकर नहीं लगाया जाता। यह देखा जाता है कि टीम ने अपने 20 ओवर निर्धारित समय, यानी 90 मिनट के भीतर पूरे किए या नहीं। हर टीम को 20 ओवर 90 मिनट के अंदर खत्म करने होते हैं, जिसमें स्ट्रैटेजिक टाइम आउट का समय भी शामिल होता है। इसके अलावा, टीम को प्रति घंटे लगभग 14.11 ओवर की गति बनाए रखनी होती है। यदि टीम इस समय सीमा से पीछे रह जाती है, तो इसे स्लो ओवर रेट माना जाता है और कप्तान को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है।
