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अजीत अगरकर का कार्यकाल बढ़ा, 2027 तक रहेंगे चीफ सेलेक्टर

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने अजीत अगरकर के कार्यकाल को बढ़ाकर 2027 तक उन्हें चीफ सेलेक्टर बनाए रखने का निर्णय लिया है। अगरकर के नेतृत्व में टीम इंडिया ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, जिसमें ICC ट्रॉफी का सूखा खत्म करना और युवा खिलाड़ियों को मौका देना शामिल है। जानें उनके कार्यकाल की प्रमुख बातें और भविष्य की योजनाएं।
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अजीत अगरकर का कार्यकाल बढ़ा, 2027 तक रहेंगे चीफ सेलेक्टर

अजीत अगरकर का कार्यकाल बढ़ा

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सीनियर पुरुष टीम के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर के कार्यकाल को बढ़ाने का निर्णय लिया है। उनका मौजूदा अनुबंध इस वर्ष समाप्त होने वाला था, लेकिन अब बोर्ड उन्हें जून 2027 तक इस पद पर बनाए रखने की योजना बना रहा है। इसका मतलब है कि अगरकर 2027 वनडे विश्व कप तक टीम इंडिया के चयन की जिम्मेदारी संभालेंगे।


 


एक BCCI अधिकारी ने बताया कि 'अगरकर के कार्यकाल में टीम का संक्रमण काफी सहज रहा और महत्वपूर्ण निर्णय लेने में कोई संकोच नहीं दिखा। बोर्ड को लगा कि उन्हें आगे भी जारी रखना चाहिए। IPL मैचों के दौरान BCCI के अधिकारी उनसे बातचीत करेंगे और आगे की जानकारी देंगे।'


अगरकर का चयन क्यों?

यह निर्णय चौंकाने वाला नहीं है, क्योंकि अजीत अगरकर के कार्यकाल में टीम इंडिया ने विशेष रूप से व्हाइट-बॉल क्रिकेट में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उनकी अगुवाई में भारत ने ICC ट्रॉफी का सूखा समाप्त किया और युवा खिलाड़ियों को मौका देकर एक मजबूत और संतुलित टीम बनाई।


 



  • अजीत अगरकर ने जुलाई 2023 में चीफ सेलेक्टर का पद ग्रहण किया था। उस समय टीम बदलाव के दौर से गुजर रही थी, लेकिन उन्होंने टीम को सही दिशा में आगे बढ़ाया। उनके कार्यकाल में भारत वनडे विश्व कप 2023 के फाइनल तक पहुंचा। इसके बाद टीम ने 2024 और 2026 में लगातार दो टी20 विश्व कप जीते और 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी भी अपने नाम की।

  • अगरकर ने चयन के दौरान कई महत्वपूर्ण और साहसी निर्णय लिए। उन्होंने टी20 टीम की कप्तानी के लिए हार्दिक पांड्या की जगह सूर्यकुमार यादव को मौका दिया, जो रोहित शर्मा और राहुल द्रविड़ से सलाह लेकर लिया गया था। इसके अलावा, टेस्ट और वनडे टीम में शुभमन गिल को जल्दी कप्तानी सौंपकर उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने की रणनीति अपनाई गई।

  • BCCI अब टीम में स्थिरता बनाए रखना चाहता है, और इसी कारण अगरकर को एक्सटेंशन दिया जा रहा है। नए चयनकर्ताओं जैसे आरपी सिंह और प्रज्ञान ओझा के साथ मिलकर वह आगे भी टीम को मजबूत बनाने की दिशा में काम करेंगे।


अगरकर के कार्यकाल का प्रदर्शन

अजीत अगरकर के कार्यकाल में भारतीय टीम ने 152 मैच खेले हैं। इस दौरान टीम इंडिया ने 105 मैच जीते और 36 मैच हारे हैं। वहीं, 4 मैच टाई रहे, 3 मैच ड्रॉ रहे और 4 मैचों का कोई परिणाम नहीं निकला। उनके कार्यकाल के दौरान भारतीय टीम का जीत प्रतिशत 2.916 रहा।