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IPL में संभावित बदलाव: मैचों की संख्या बढ़ाने की योजना

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में संभावित बदलावों की चर्चा हो रही है, जिसमें मैचों की संख्या बढ़ाने और सितंबर-अक्टूबर में आयोजन की योजना शामिल है। बीसीसीआई इस लीग को और अधिक रोमांचक बनाने के लिए नए प्रारूप पर विचार कर रहा है। जानें इस बदलाव के पीछे के कारण और दर्शकों की संख्या पर क्या कहा गया है।
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IPL में संभावित बदलाव: मैचों की संख्या बढ़ाने की योजना

IPL का विस्तार: नई संभावनाएँ


नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) विश्व की सबसे प्रसिद्ध टी20 लीगों में से एक मानी जाती है। क्रिकेट प्रेमी सालभर इस लीग का बेसब्री से इंतजार करते हैं। इस लीग में पाकिस्तान को छोड़कर अन्य देशों के क्रिकेटर खेलते हैं। लीग को और अधिक रोमांचक बनाने के लिए इसमें लगातार नए बदलाव किए जा रहे हैं। हाल ही में यह जानकारी मिली है कि IPL में आने वाले वर्षों में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन हो सकता है।


अब यह लीग केवल गर्मियों तक सीमित नहीं रह सकती, क्योंकि बीसीसीआई IPL को दो अलग-अलग समयावधियों में आयोजित करने पर विचार कर रहा है। इसके साथ ही, टूर्नामेंट में मैचों की संख्या बढ़ाने की योजना भी बनाई जा रही है, जिससे दर्शकों को और अधिक रोमांच देखने को मिल सकेगा।


IPL 2026 में नई विंडो

सितंबर-अक्टूबर में IPL का आयोजन!


IPL 2026 के दौरान, IPL अध्यक्ष अरुण धूमल ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में लीग को सितंबर और अक्टूबर के बीच भी आयोजित किया जा सकता है। इसका मुख्य कारण टूर्नामेंट का विस्तार और सभी टीमों को समान घरेलू और बाहरी मैच खेलने का अवसर प्रदान करना है। वर्तमान में IPL में 74 मैच खेले जाते हैं, लेकिन 2028 से इसे बढ़ाकर 94 मैच करने पर विचार किया जा रहा है।


मैचों की संख्या बढ़ाने का कारण

मैचों की संख्या क्यों बढ़ाई जा सकती है?


वर्तमान में IPL की 10 टीमें सभी टीमों के खिलाफ दो-दो मैच नहीं खेलती हैं। मौजूदा प्रारूप में कुछ टीमों से दो बार और कुछ से एक बार मुकाबला होता है। लेकिन BCCI चाहती है कि हर टीम बाकी नौ टीमों के खिलाफ घर और बाहर दोनों जगह खेले। ऐसा होने पर टूर्नामेंट में कुल 94 मैच हो जाएंगे।


अरुण धूमल ने कहा कि लॉजिस्टिक और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट शेड्यूल के कारण अभी ऐसा संभव नहीं हो पाया है, लेकिन भविष्य में अतिरिक्त समय मिलने पर इस मॉडल को लागू किया जा सकता है।


सितंबर-अक्टूबर विंडो का महत्व

सितंबर-अक्टूबर विंडो क्यों है खास?


धूमल के अनुसार, प्रसारकों ने सुझाव दिया है कि टूर्नामेंट का एक हिस्सा सितंबर-अक्टूबर में आयोजित किया जा सकता है। यह समय दिवाली के आसपास होता है, इसलिए विज्ञापन और दर्शकों के दृष्टिकोण से यह काफी लाभदायक माना जा रहा है।


इसके अलावा, मई की गर्मी भी एक बड़ी चुनौती बन रही है। इस कारण BCCI फरवरी से अप्रैल और साल के अंत में संभावित विंडो की तलाश कर रही है।


दर्शकों की संख्या पर धूमल का बयान

दर्शकों की संख्या को लेकर क्या बोले धूमल?


हाल ही में IPL की टीवी दर्शकों की संख्या में कमी की खबरें आई थीं, लेकिन अरुण धूमल ने इन्हें गलत बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल और क्षेत्रीय प्लेटफॉर्म के कारण कुल दर्शकों की संख्या में वृद्धि हुई है और प्रसारक इस सीजन के प्रदर्शन से संतुष्ट हैं।