IPL 2026: कोलकाता में अंपायरिंग विवाद ने मचाई हलचल
कोलकाता में अंपायरिंग पर उठे सवाल
IPL 2026 के एक दिलचस्प मुकाबले में कोलकाता के प्रतिष्ठित ईडन गार्डन्स में अंपायरिंग के मुद्दे ने विवाद को जन्म दिया है। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच खेले गए इस मैच के शुरुआती ओवरों में एक विकेट ने सभी का ध्यान खींचा, जिससे तकनीक और फील्ड अंपायरों की निर्णय क्षमता पर सवाल उठने लगे हैं। यह विवाद कोलकाता के सलामी बल्लेबाज फिन एलन के कैच आउट से संबंधित है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। यह मैच 9 अप्रैल को आयोजित हुआ था।
फिन एलन ने मैच के दूसरे ओवर में केवल 9 रन बनाकर आउट होने का सामना किया। उन्हें दिग्वेश राठी ने थर्ड मैन पर कैच किया। पहली नजर में, यह कैच आसान प्रतीत हुआ और एलन बिना किसी आपत्ति के क्रीज छोड़कर चले गए। लेकिन जब टीवी रिप्ले और कैच का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो क्रिकेट जगत में हलचल मच गई। रिप्ले में स्पष्ट रूप से दिख रहा था कि फील्डर का पैर बाउंड्री कुशन को छू रहा था, जिससे नियमों के अनुसार 'नॉट आउट' होना चाहिए था और छह रन मिलते।
कैच पर उठे विवाद के कारण
कैच के विवाद का कारण
वीडियो फुटेज और रिप्ले में यह स्पष्ट था कि जब दिग्वेश राठी ने कैच लिया, तब उनका पैर बाउंड्री के पास लगे विज्ञापन कुशन को छू रहा था। बाउंड्री कुशन का हिलना इस बात का ठोस सबूत था कि फील्डर का पैर बाउंड्री लाइन से टच हुआ था। क्रिकेट के नियमों के अनुसार, अंपायर को ऐसी संवेदनशील स्थिति में थर्ड अंपायर की सहायता लेनी चाहिए थी। यह देखकर आश्चर्य हुआ कि किसी भी अंपायर ने इस विवादास्पद कैच की जांच करना आवश्यक नहीं समझा।
सोशल मीडिया पर फैंस की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर फैंस का गुस्सा
https://twitter.com/SRP_0001/status/2042246300863955298
https://twitter.com/viratkohli_un/status/2042244647746244948
https://twitter.com/JeetN25/status/2042245159551893586
https://twitter.com/sarkarstix/status/2042253368928997672
जिम्मेदारी का बंटवारा
किसकी थी सबसे बड़ी चूक?
इस पूरे मामले में जिम्मेदारी के तीन स्तरों पर बहस शुरू हो गई है। पहली गलती ऑन-फील्ड अंपायरों की रही, जिन्होंने 'सॉफ्ट सिग्नल' या 'चेक' की प्रक्रिया का पालन नहीं किया। दूसरी ओर, बल्लेबाज फिन एलन की भी आलोचना हो रही है कि उन्होंने बिना री-चेक की मांग किए मैदान छोड़ दिया। वहीं, फील्डर दिग्वेश राठी की खेल भावना पर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या उन्हें बाउंड्री टच होने का अहसास नहीं हुआ था? इस घटना ने एक बार फिर अंपायरिंग के गिरते स्तर और तकनीक के अधूरे इस्तेमाल पर बहस को तेज कर दिया है।
