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अभिषेक शर्मा की फॉर्म पर भारतीय कोचिंग स्टाफ में मतभेद

ICC पुरुष टी20 विश्व कप 2026 में भारत का प्रदर्शन चिंताजनक है, खासकर सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की फॉर्म को लेकर। कोचिंग स्टाफ में उनके समर्थन और आलोचना के बीच मतभेद उभरे हैं। सहायक कोच रयान टेन ने उनकी फूड पॉइजनिंग को एक कारण बताया, जबकि बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने उन्हें समर्थन दिया। जानें अभिषेक के प्रदर्शन और कोचों की राय के बारे में।
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अभिषेक शर्मा की फॉर्म पर भारतीय कोचिंग स्टाफ में मतभेद

भारत का टी20 विश्व कप अभियान संकट में


नई दिल्ली: ICC पुरुष टी20 विश्व कप 2026 में भारत का प्रदर्शन चिंताजनक स्थिति में है। इस चर्चा का केंद्र बिंदु सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा हैं। टूर्नामेंट की निराशाजनक शुरुआत के बाद, भारतीय कोचिंग स्टाफ उनकी खराब फॉर्म को लेकर विभाजित हो गया है। अब तक, अभिषेक ने चार मैचों में केवल 15 रन बनाए हैं, जिससे उनकी स्थिति और भी गंभीर हो गई है।


कोचों के बीच अभिषेक शर्मा पर मतभेद

सुपर 8 में भारतीय टीम की हार के बाद, कोचों के बीच अभिषेक शर्मा की फॉर्म को लेकर मतभेद उभरने लगे हैं। सहायक कोच रयान टेन और बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक के बयानों से यह स्पष्ट हो गया है कि वे इस मुद्दे पर अलग-अलग राय रखते हैं।


सहायक कोच रयान ने कहा, 'मुझे लगता है कि विश्व कप से पहले अभिषेक की फूड पॉइजनिंग ने उसकी तैयारी में बाधा डाली है, जिससे वह अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं आ सका।'


बल्लेबाजी कोच का अभिषेक के समर्थन में बयान

दूसरी ओर, बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने अभिषेक का समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि यह कोई संघर्ष है। मुझे लगता है कि उसने अच्छी शुरुआत की है। इस समय बल्लेबाज को ज्यादा कुछ कहना उचित नहीं है, क्योंकि हर खिलाड़ी के करियर में ऐसे दौर आते हैं।'


अभिषेक का प्रदर्शन: 4 मैच, 15 रन

अभिषेक शर्मा इस टूर्नामेंट में रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने चार मैच खेले हैं, जिनमें से पहले तीन मैचों में वह डक पर आउट हुए। साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने 15 रन बनाकर अपना खाता खोला, लेकिन यह भी उनके लिए निराशाजनक रहा।


एशिया कप में अभिषेक का शानदार प्रदर्शन

हालांकि अभिषेक शर्मा इस समय कठिन दौर से गुजर रहे हैं, लेकिन उन्हें विश्व के शीर्ष टी20 सलामी बल्लेबाजों में गिना जाता है। एशिया कप में उन्होंने 7 पारियों में 44.85 की औसत से 314 रन बनाए थे, और वह इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे।