अमन मोखाड़े का विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन
अमन मोखाड़े की अद्वितीय बल्लेबाजी
विदर्भ के बल्लेबाज अमन मोखाड़े ने घरेलू क्रिकेट में अपने शानदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया है। विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के सेमीफाइनल में कर्नाटक के खिलाफ उन्होंने 138 रन की शतकीय पारी खेलकर अपनी टीम को फाइनल में पहुंचाया। इस युवा खिलाड़ी ने टूर्नामेंट में 9 मैचों में 5 शतक बनाकर लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय खिलाड़ी बनने का गौरव भी हासिल किया है।
बल्लेबाजी में अमन का जलवा
सेमीफाइनल में अमन मोखाड़े ने कर्नाटक के खिलाफ 138 रन बनाकर अपनी टीम को 22 गेंदें शेष रहते 6 विकेट से जीत दिलाई। यह पारी उनके जन्मदिन से एक दिन पहले खेली गई, जिससे यह और भी खास बन गई। उनकी बल्लेबाजी ने उन्हें इस टूर्नामेंट में 'रन मशीन' का खिताब दिलाया।
अमन मोखाड़े की पृष्ठभूमि
अमन का जन्म 16 जनवरी 2001 को हुआ। उन्होंने कोच ज्वाला सिंह से क्रिकेट की शिक्षा ली, जिन्होंने टीम इंडिया के यशस्वी जायसवाल को भी प्रशिक्षित किया है। अमन एक टॉप ऑर्डर बल्लेबाज हैं और लेग ब्रेक स्पिन भी करते हैं। 2025-26 के घरेलू सीजन में उन्होंने रणजी ट्रॉफी में 577 रन बनाए, जिसमें 3 शतक शामिल थे।
विजय हजारे ट्रॉफी में अमन का धमाल
इस टूर्नामेंट में अमन ने 9 मैच खेले और 5 शतक बनाए। पहले मैच में उन्होंने 110 रन और दूसरे में 82 रन बनाए। इसके बाद उन्होंने लगातार शतक बनाकर विदर्भ को फाइनल में पहुंचाया। उनका स्ट्राइक रेट और निरंतर रन बनाना टीम के लिए बहुत फायदेमंद साबित हुआ।
अमन के रिकॉर्ड और उपलब्धियां
अमन ने इस टूर्नामेंट में कुल 781 रन बनाए और कर्नाटक के देवदत्त पडिक्कल को पीछे छोड़ दिया। लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बनकर उन्होंने एक नया इतिहास रचा। यह उपलब्धि उन्होंने अपनी 16वीं पारी में हासिल की, जो उनकी मेहनत और निरंतरता को दर्शाती है।
टीम इंडिया की ओर बढ़ता कदम
अमन मोखाड़े का शानदार प्रदर्शन अब उन्हें टीम इंडिया की नजरों में ला रहा है। घरेलू स्तर पर लगातार रन बनाने और दबाव में शतकीय पारी खेलने की उनकी क्षमता ने उन्हें सीनियर चयनकर्ताओं की रडार पर ला दिया है। विदर्भ के इस युवा खिलाड़ी ने इस सीजन में अपने खेल से देशभर में पहचान बनाई है।
