अशोक डिंडा ने राजनीति में नई पारी शुरू की, बने पश्चिम बंगाल के मंत्री
कोलकाता में अशोक डिंडा का राजनीतिक सफर
कोलकाता: क्रिकेट के मैदान पर अपनी तेज गेंदबाजी और आक्रामक शैली से बल्लेबाजों को परेशान करने वाले अशोक डिंडा अब राजनीति में एक नई भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। खेल के क्षेत्र से शुरू हुआ उनका यह सफर अब जनसेवा के एक महत्वपूर्ण मंच तक पहुंच चुका है। पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज अशोक डिंडा ने अपने राजनीतिक करियर में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है, क्योंकि वे पश्चिम बंगाल सरकार में राज्य मंत्री बन गए हैं, जिससे उनके सार्वजनिक जीवन में एक नया अध्याय जुड़ गया है।
राजभवन में आयोजित एक विशेष समारोह में, पश्चिम बंगाल कैबिनेट के विस्तार के दौरान अशोक डिंडा को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर कई नए विधायकों को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई, जिसमें सरकार के कई प्रमुख अधिकारी और राजनीतिक नेता शामिल थे।
मोयना सीट पर दूसरी बार मिली जीत
दूसरी बार मोयना सीट से दर्ज की जीत
अशोक डिंडा ने हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में 'मोयना' निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को एक बड़े अंतर से हराकर शानदार जीत हासिल की। मोयना सीट से डिंडा की यह लगातार दूसरी जीत है, क्योंकि उन्होंने पिछले चुनाव में भी इसी सीट पर कड़ा मुकाबला जीतकर सफलता प्राप्त की थी। उनकी इस निरंतर सफलता ने राजनीति में उनकी स्थिति को और मजबूत किया है।
क्रिकेट करियर की उपलब्धियां
क्रिकेट करियर भी रहा शानदार
राजनीति में कदम रखने से पहले, डिंडा का क्रिकेट करियर भी बहुत सफल रहा। उन्होंने दिसंबर 2009 में श्रीलंका के खिलाफ भारतीय टीम के लिए अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला। इस दाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने भारत के लिए 13 वनडे और 9 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले, जिसमें उन्होंने वनडे में 12 और टी-20 में 17 विकेट लिए। इसके अलावा, वे आईपीएल में भी एक प्रमुख चेहरा रहे हैं, जहां उन्होंने 78 मैचों में 69 विकेट लिए और कोलकाता नाइट राइडर्स, दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु जैसी कई बड़ी टीमों का हिस्सा रहे।
क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद, डिंडा फरवरी 2021 में बीजेपी में शामिल हुए और तब से वे राजनीति में सक्रिय हैं। अब मंत्री बनने के बाद, वे अपनी नई जिम्मेदारियों को निभाने के लिए तैयार हैं।
