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आईपीएल 2023 से पहले सनराइजर्स हैदराबाद की CEO पर विवाद

आईपीएल 2023 के आगमन से पहले, सनराइजर्स हैदराबाद की CEO काव्या मारन ने अबरार अहमद की खरीदारी के कारण विवाद खड़ा कर दिया है। इस निर्णय पर भारतीय फैंस की नाराजगी और पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर की प्रतिक्रिया ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। गावस्कर ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ संबंधों पर चिंता जताई है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और क्या है इसके पीछे का राजनीतिक पहलू।
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आईपीएल 2023 से पहले सनराइजर्स हैदराबाद की CEO पर विवाद

सनराइजर्स हैदराबाद की CEO काव्या मारन सुर्खियों में

नई दिल्ली: 28 मार्च से आईपीएल का नया सीजन शुरू होने वाला है। इस बीच, सनराइजर्स हैदराबाद की CEO काव्या मारन चर्चा का विषय बन गई हैं। हाल ही में इंग्लैंड की क्रिकेट लीग 'द हंड्रेड' के ऑक्शन में उनकी टीम ने पाकिस्तानी क्रिकेटर अबरार अहमद को अपनी टीम में शामिल किया है।


सोशल मीडिया पर फैंस की नाराजगी

इस निर्णय के बाद भारतीय फैंस ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई और सनराइजर्स फ्रैंचाइजी को ट्रोल करना शुरू कर दिया। इस बीच, पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने इस मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त की है।


अबरार अहमद की खरीदारी पर सवाल

द हंड्रेड लीग के हालिया ऑक्शन में, सनराइजर्स लीड्स ने अबरार अहमद को लगभग 1.90 लाख पाउंड में खरीदा। यह टीम उसी कंपनी के अधीन है जो सनराइजर्स हैदराबाद का संचालन करती है। इस डील के बाद कई फैंस ने सवाल उठाए हैं, जिससे क्रिकेट जगत में बहस छिड़ गई है।


सुनील गावस्कर की प्रतिक्रिया

पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने अपने कॉलम में इस मामले पर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद से भारतीय फ्रैंचाइजी आमतौर पर पाकिस्तानी खिलाड़ियों से दूरी बनाए रखती हैं। गावस्कर ने यह भी कहा कि जब पाकिस्तान के खिलाड़ी को भुगतान किया जाता है, तो वह पैसा अप्रत्यक्ष रूप से उन गतिविधियों में जा सकता है जो भारत के लिए चिंता का विषय बन सकती हैं।


संवेदनशील निर्णय पर सावधानी

गावस्कर ने कहा कि यह निर्णय हमारे लोगों और सैनिकों के लिए खतरा बन सकता है, इसलिए ऐसे फैसले लेते समय सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि चाहे भुगतान किसी विदेशी लीग के माध्यम से किया जाए, लेकिन यदि मालिक भारतीय है, तो यह निर्णय संवेदनशील माना जाएगा।


कोच डेनियल विटोरी का जिक्र

गावस्कर ने टीम के कोच डेनियल विटोरी का उल्लेख करते हुए कहा कि विदेशी कोच शायद इस राजनीतिक और भावनात्मक पहलू को पूरी तरह से नहीं समझते। लेकिन फ्रैंचाइजी के मालिकों को स्थिति की गंभीरता को समझना चाहिए था। उन्होंने अंत में कहा कि अभी भी समय है कि इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए और ऐसा कदम उठाया जाए जिससे विवाद समाप्त हो सके।