आईपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर अक्षर पटेल की चिंता
नई दिल्ली में इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर चर्चा
नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग में इम्पैक्ट प्लेयर नियम एक बार फिर से चर्चा का विषय बन गया है। बीसीसीआई ने इसे 2023 सीजन में लागू किया था, जिसके तहत किसी भी टीम को मैच के दौरान एक खिलाड़ी को बदलकर दूसरे खिलाड़ी को मैदान में लाने की अनुमति है। इस नियम को लेकर खिलाड़ियों के बीच मतभेद पहले से ही देखे जा रहे हैं।
दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने आईपीएल 2026 से पहले इस नियम पर अपनी स्पष्ट राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उन्हें यह नियम बिल्कुल पसंद नहीं है। उनका मानना है कि इस बदलाव ने ऑलराउंडरों की भूमिका को कमजोर कर दिया है। पहले टीम संतुलन के लिए ऐसे खिलाड़ियों को चुना जाता था जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में सक्षम होते थे, लेकिन अब टीम प्रबंधन बल्लेबाजों और गेंदबाजों को प्राथमिकता दे रहा है।
अक्षर पटेल की राय
अक्षर पटेल ने कहा कि इस नियम के कारण टीम अब जरूरत के अनुसार बल्लेबाज या गेंदबाज को शामिल कर सकती है, जिससे ऑलराउंडरों की भूमिका कम हो गई है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि नियम लागू है, इसलिए उसका पालन करना आवश्यक है, लेकिन व्यक्तिगत रूप से यह बदलाव उन्हें संतुलित नहीं लगता।
बड़े खिलाड़ियों की आलोचना
अक्षर के अलावा, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे प्रमुख खिलाड़ियों ने भी इस नियम की आलोचना की है। विराट का मानना है कि इस नियम से खेल का संतुलन बिगड़ रहा है। कोहली के अनुसार, बल्लेबाज अब निडर होकर खेल रहे हैं क्योंकि टीम के पास नंबर 8 तक बल्लेबाज हैं, जिससे गेंदबाजों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। वहीं, रोहित शर्मा ने कहा कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम के कारण वाशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे जैसे ऑलराउंडरों को गेंदबाजी करने का अवसर नहीं मिल रहा, जो भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छा नहीं है।
पिछले प्रयोगों का अनुभव
इंटरनेशनल क्रिकेट में 'सुपर सब' नियम 2005 में लागू किया गया था, लेकिन यह ज्यादा समय तक नहीं चला और एक साल के भीतर हटा दिया गया। इसी तरह, ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग में 'एक्स फैक्टर' नियम भी सफल नहीं रहा। इसके बावजूद, आईपीएल में 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम लगातार चौथे सीजन में जारी रहेगा। यह नियम कुछ टीमों के लिए रणनीतिक लाभ दे रहा है, जबकि कई खिलाड़ियों का मानना है कि इससे खेल का पारंपरिक संतुलन प्रभावित हो रहा है।
