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इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने एशेज सीरीज के लिए पिंक बॉल टेस्ट से किया इनकार

इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने हाल ही में एशेज सीरीज में पिंक बॉल टेस्ट खेलने से इनकार कर दिया है। इस निर्णय के पीछे पिछले एशेज सीरीज में मिली हार और टेस्ट क्रिकेट की पारंपरिक पहचान को बनाए रखने की चिंता है। हालांकि, 2027 में विशेष अवसर पर डे-नाइट टेस्ट की योजना बनाई गई है। जानें इस निर्णय के पीछे की पूरी कहानी और क्रिकेट की दुनिया में इसके प्रभाव।
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इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने एशेज सीरीज के लिए पिंक बॉल टेस्ट से किया इनकार

इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड का नया निर्णय


नई दिल्ली: एशेज सीरीज में मिली हार के बाद इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। ऑस्ट्रेलिया में खेले गए 5 मैचों की एशेज सीरीज में इंग्लैंड को 4-1 से हार का सामना करना पड़ा, जिसमें उन्होंने केवल एक टेस्ट मैच जीता। इस हार के बाद इंग्लैंड ने भविष्य की एशेज सीरीज के लिए एक बड़ा कदम उठाया है।


डे-नाइट टेस्ट पर इंग्लैंड का रुख

इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डे-नाइट यानी पिंक बॉल टेस्ट खेलने का इरादा नहीं रखता। रिपोर्टों के अनुसार, ECB ने आगामी एशेज सीरीज में इस फॉर्मेट को शामिल करने से स्पष्ट इनकार करने की योजना बनाई है। बोर्ड का मानना है कि एशेज जैसी प्रतिष्ठित टेस्ट सीरीज को पारंपरिक रेड बॉल टेस्ट के साथ ही खेला जाना चाहिए।


ब्रिसबेन टेस्ट का प्रभाव

पिछली एशेज सीरीज में ब्रिसबेन के गाबा मैदान पर खेले गए डे-नाइट टेस्ट ने इंग्लैंड के लिए निराशाजनक परिणाम दिया। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को पूरी तरह से दबा दिया और आसानी से जीत हासिल की। इसी हार के बाद इंग्लैंड सीरीज में 0-2 से पीछे हो गया। माना जा रहा है कि इस मैच ने पिंक बॉल टेस्ट के प्रति इंग्लैंड की सोच को बदल दिया।


टेस्ट क्रिकेट की पहचान की चिंता

ECB और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के बीच हुई बातचीत में टेस्ट क्रिकेट की गुणवत्ता और उसकी पहचान को बनाए रखने पर जोर दिया गया। इंग्लैंड का मानना है कि डे-नाइट टेस्ट मैच खेल को ज्यादा रोमांचक नहीं बना पाए हैं। यदि टेस्ट क्रिकेट का पारंपरिक आकर्षण समाप्त होता है, तो यह भविष्य के लिए चिंता का विषय बन सकता है।


विशेष अवसर पर डे-नाइट टेस्ट की अनुमति

हालांकि इंग्लैंड ने पिंक बॉल टेस्ट से दूरी बनाने का निर्णय लिया है, लेकिन एक विशेष मुकाबले के लिए वह अपवाद करेगा। वर्ष 2027 में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर एशेज के पहले टेस्ट की 150वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी, और इस ऐतिहासिक अवसर पर डे-नाइट टेस्ट खेलने की योजना पहले से तय है।


पिंक बॉल टेस्ट के फायदे और नुकसान

कई पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि पिंक बॉल टेस्ट से टीवी ब्रॉडकास्ट को लाभ हो सकता है, लेकिन खेल की गुणवत्ता पर इसका कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा है। यही कारण है कि कुछ दिग्गज खिलाड़ी फिर से रेड बॉल टेस्ट की ओर लौटने की सलाह दे चुके हैं।