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कर्नाटक ने देवदत्त पडिक्कल की कप्तानी में किया ऐतिहासिक चेज, क्वार्टर फाइनल में पहुंचा

कर्नाटक ने रणजी ट्रॉफी 2025-26 में पंजाब के खिलाफ एक रोमांचक मुकाबले में देवदत्त पडिक्कल की कप्तानी में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इस मैच में कर्नाटक को 250 रनों का लक्ष्य मिला, जिसे उन्होंने 28 ओवर में हासिल किया। पडिक्कल ने नाबाद 120 रन बनाकर टीम को संकट से निकाला और क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। जानें इस मैच के महत्वपूर्ण क्षण और पडिक्कल की कप्तानी की कहानी।
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कर्नाटक ने देवदत्त पडिक्कल की कप्तानी में किया ऐतिहासिक चेज, क्वार्टर फाइनल में पहुंचा

कर्नाटक और पंजाब के बीच रोमांचक रणजी मुकाबला

रणजी ट्रॉफी 2025-26 के लीग चरण में कर्नाटक और पंजाब के बीच मोहाली के आईएस बिंद्रा स्टेडियम में एक रोमांचक मैच हुआ। यह कर्नाटक के लिए एक महत्वपूर्ण मुकाबला था, क्योंकि उन्हें क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के लिए जीत की आवश्यकता थी। पंजाब ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया और अपनी पहली पारी में 309 रन बनाए। कर्नाटक ने जवाब में 316 रन बनाकर मामूली बढ़त हासिल की। दूसरी पारी में पंजाब 256 रन पर ऑलआउट हो गया, जिससे कर्नाटक को जीत के लिए 250 रनों का लक्ष्य मिला।


पंजाब की मजबूत शुरुआत और कर्नाटक का जवाब

पंजाब की पहली पारी में अभिजीत गर्ग ने 81, इमोनजीत सिंह चहल ने 83 और कप्तान उदय सहारन ने 44 रन बनाए। कर्नाटक के गेंदबाज विद्याधर पाटिल ने 4 और श्रेयस गोपाल ने 3 विकेट लिए। कर्नाटक की पहली पारी में केएल राहुल ने 59, मयंक अग्रवाल ने 46 और श्रेयस गोपाल ने 77 रन बनाए।

पंजाब के हरप्रीत बराड़ ने 4 विकेट लिए। दूसरी पारी में उदय सहारन ने 93 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन कर्नाटक के श्रेयस गोपाल और प्रसिद्ध कृष्णा ने 3-3 विकेट लेकर पंजाब को रोक दिया।


आखिरी दिन का टी20 स्टाइल चेज

चौथे दिन कर्नाटक को 250 रन बनाने थे, जो टेस्ट फॉर्मेट में एक बड़ी चुनौती थी। केएल राहुल केवल 13 रन बनाकर आउट हो गए। लेकिन कप्तान देवदत्त पडिक्कल ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने महज 85 गेंदों में नाबाद 120 रन बनाए, जिसमें 6 चौके और 5 छक्के शामिल थे।

उनकी यह पारी टी20 जैसी थी। मयंक अग्रवाल ने 53 रन बनाए और श्रेयस गोपाल ने 22 गेंदों में 33 रन जोड़े। टीम ने 27.5 ओवर में 5 विकेट पर लक्ष्य हासिल कर 5 विकेट से जीत दर्ज की।


पडिक्कल की कप्तानी में यादगार डेब्यू

यह मैच देवदत्त पडिक्कल के कप्तानी डेब्यू का था और उन्होंने इसे अविस्मरणीय बना दिया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने टीम को संकट से निकाला और क्वार्टर फाइनल में जगह दिलाई, जहां अब उनका सामना मुंबई से होगा। यह जीत कर्नाटक के लिए इस सीजन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक रही। पडिक्कल की यह पारी न केवल मैच जिताने में सहायक रही, बल्कि उनकी फॉर्म और नेतृत्व क्षमता को भी साबित किया।