क्या अर्जुन तेंदुलकर सचिन के नक्शेकदम पर चलेंगे? योगराज सिंह ने किया बड़ा खुलासा
अर्जुन तेंदुलकर: उम्मीदों का बोझ
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में शायद ही कोई युवा खिलाड़ी अर्जुन तेंदुलकर जितनी उम्मीदों के बोझ तले दबा हो। सचिन तेंदुलकर के बेटे होने का मतलब केवल पहचान नहीं है, बल्कि हर कदम पर तुलना, आलोचना और खुद को साबित करने की चुनौती भी है। अर्जुन ने अपने करियर में इस दबाव को महसूस किया है और वे अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश में लगे हुए हैं।
तेज गेंदबाज के रूप में पहचान
अर्जुन तेंदुलकर को एक बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के रूप में जाना जाता है। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में गोवा के लिए खेलते हुए अपनी पहचान बनाने की कोशिश की है। आईपीएल में भी कुछ मौकों पर वे खेलते नजर आए हैं और अब वे लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) का हिस्सा बन चुके हैं। यह उनके करियर के लिए एक नया अवसर है, जहां उन्हें खुद को साबित करने का मौका मिल सकता है।
बल्लेबाजी में भी छिपा हुनर
हालांकि अर्जुन को गेंदबाजी के लिए जाना जाता है, लेकिन उनकी बल्लेबाजी भी चर्चा का विषय रही है। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में शतक लगाना इस बात का प्रमाण है कि उनके खेल में बहुमुखी प्रतिभा है। सचिन तेंदुलकर जैसे महान बल्लेबाज का मार्गदर्शन उन्हें बचपन से मिला है, जो उनके खेल पर प्रभाव डालता है।
योगराज सिंह का खुलासा
भारतीय घरेलू क्रिकेट के प्रसिद्ध कोच और पूर्व क्रिकेटर योगराज सिंह ने अर्जुन की बल्लेबाजी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि अर्जुन ने अपने करियर के प्रारंभिक चरण में कुछ हफ्तों के लिए उनसे ट्रेनिंग ली थी। योगराज ने पहली बार अर्जुन को बल्लेबाजी करते देखा और उनकी शैली सचिन तेंदुलकर जैसी पाई।
रणजी में शतक
योगराज ने यह भी बताया कि अर्जुन ने रणजी ट्रॉफी में अपने डेब्यू मैच में शतक बनाया था, जो खास था क्योंकि उन्होंने अपने पिता की तरह पहले ही मैच में शतक लगाया। हालांकि, उनके बाद का बल्लेबाजी रिकॉर्ड उतना प्रभावशाली नहीं रहा। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका औसत लगभग 21 है और उन्होंने अब तक केवल दो अर्धशतक बनाए हैं। फिर भी, योगराज का मानना है कि उन्हें और मौके मिलने चाहिए थे।
आईपीएल में अवसर की कमी
योगराज ने यह भी कहा कि उन्होंने मुंबई इंडियंस को अर्जुन को 2-3 मैचों में ओपनिंग बल्लेबाज के रूप में आजमाने की सलाह दी थी, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। उनके अनुसार, अर्जुन जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी को केवल गेंदबाज के रूप में सीमित करना उसके टैलेंट के साथ अन्याय है।
भविष्य की संभावनाएं
26 वर्षीय अर्जुन तेंदुलकर के लिए भारतीय टीम का दरवाजा भले ही अभी दूर हो, लेकिन उनके पास समय और अवसर दोनों हैं। घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन और आईपीएल में सही मौके उन्हें नई पहचान दिला सकते हैं। सचिन तेंदुलकर का बेटा होना एक चुनौती है, लेकिन अगर अर्जुन अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन करते हैं, तो वे अपनी अलग कहानी लिख सकते हैं।
